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सहारनपुर: पत्नी से झगड़े के बाद पति ने गर्दन रेतकर की आत्महत्या
Sun, 19 Feb 2023 11:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 19 Feb 2023 11:47 PM IST
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असलम (फाइल फोटो)
देवबंद (सहारनपुर)। नगर के मोहल्ला बेरुन कोटला में एक व्यक्ति ने पत्नी से विवाद के बाद छूरी से गर्दन रेतकर खुदकुशी कर ली। व्यक्ति का शव मकान की छत पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मोहल्ला बेरुन कोटला स्थित नई कॉलोनी निवासी असलम पुत्र असगर (38) राजमिस्त्री था, जो परिवार के साथ कॉलोनी में रहता था। रविवार को असलम ने पत्नी से झगड़ा होने के बाद छत पर जाकर छुरी से गर्दन रेत ली। अधिक खून बहने की वजह से असलम की मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर बाद मृतक की पत्नी छत पर पहुंची तो असलम को खून से लथपथ देख उसकी चीख निकल गई, जिससे वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर सीओ रामकरण और इंस्पेक्टर एचएन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया, साथ ही परिवार के लोगों व मोहल्लावासियों से पूछताछ की। पुलिस ने मौके से छुरी भी बरामद की। बताया जाता है सुबह किसी बात को लेकर असलम की पत्नी से कहासुनी हो गई थी। माना जा रहा उसने इसी के चलते यह कदम उठाया है। सीओ का कहना मामले की जांच की जा रही है।
दो दिन में दो बार मिली जिंदगी, तीसरे दिन मिली मौत
देबवंद/सहारनपुर। अपनी जीवन लीला समाप्त वाले असलम पहले भी दो बार जिंदगी को खत्म करने की कोशिश कर चुका था। दोनों बार लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन तीसरी बार में उसकी मौत हो गई। चर्चा पर असलम कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में था।
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राजमिस्त्री का काम करने वाला असलम खुशमिजाज था। उसकी 12 साल पहले शादी हुई थी, जिसके बाद उसके यहां तीन पुत्र और एक पुत्री पैदा हुई। वह बच्चों से बेहद मोहब्बत करता था, लेकिन पिछले काफी समय से वह परेशान रहने लगा था। चर्चा है कि असलम कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, जिस कारण वह मानिसक तनाव में रहने लगा। इसी वजह से घर में पत्नी के साथ आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी भी होने लगी। इन सभी बातों से परेशान असलम ने दिन पूर्व बिजली की तार पकड़ कर आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। दूसरे दिन वह जिंदगी खत्म करने के लिए ट्रेन के आगे लेटने चला गया, लेकिन लोगों की नजर उस पर पड़ गई। मगर, रविवार का दिन उसके लिए बुरा साबित हुआ। मौत को उसने इतनी खामोशी से चुना कि किसी को उसकी जिंदगी बचाने का मौका ही नहीं मिला। पुलिस सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
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मोहल्ला बेरुन कोटला स्थित नई कॉलोनी निवासी असलम पुत्र असगर (38) राजमिस्त्री था, जो परिवार के साथ कॉलोनी में रहता था। रविवार को असलम ने पत्नी से झगड़ा होने के बाद छत पर जाकर छुरी से गर्दन रेत ली। अधिक खून बहने की वजह से असलम की मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर बाद मृतक की पत्नी छत पर पहुंची तो असलम को खून से लथपथ देख उसकी चीख निकल गई, जिससे वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर सीओ रामकरण और इंस्पेक्टर एचएन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया, साथ ही परिवार के लोगों व मोहल्लावासियों से पूछताछ की। पुलिस ने मौके से छुरी भी बरामद की। बताया जाता है सुबह किसी बात को लेकर असलम की पत्नी से कहासुनी हो गई थी। माना जा रहा उसने इसी के चलते यह कदम उठाया है। सीओ का कहना मामले की जांच की जा रही है।
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दो दिन में दो बार मिली जिंदगी, तीसरे दिन मिली मौत
देबवंद/सहारनपुर। अपनी जीवन लीला समाप्त वाले असलम पहले भी दो बार जिंदगी को खत्म करने की कोशिश कर चुका था। दोनों बार लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन तीसरी बार में उसकी मौत हो गई। चर्चा पर असलम कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में था।
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राजमिस्त्री का काम करने वाला असलम खुशमिजाज था। उसकी 12 साल पहले शादी हुई थी, जिसके बाद उसके यहां तीन पुत्र और एक पुत्री पैदा हुई। वह बच्चों से बेहद मोहब्बत करता था, लेकिन पिछले काफी समय से वह परेशान रहने लगा था। चर्चा है कि असलम कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, जिस कारण वह मानिसक तनाव में रहने लगा। इसी वजह से घर में पत्नी के साथ आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी भी होने लगी। इन सभी बातों से परेशान असलम ने दिन पूर्व बिजली की तार पकड़ कर आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। दूसरे दिन वह जिंदगी खत्म करने के लिए ट्रेन के आगे लेटने चला गया, लेकिन लोगों की नजर उस पर पड़ गई। मगर, रविवार का दिन उसके लिए बुरा साबित हुआ। मौत को उसने इतनी खामोशी से चुना कि किसी को उसकी जिंदगी बचाने का मौका ही नहीं मिला। पुलिस सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।