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Saharanpur News: ढाई साल से बंद पड़ा अस्पताल, बच्चों के वार्ड पर बढ़ा भार

Tue, 23 Jun 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 23 Jun 2026 01:17 AM IST
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Hospital closed for two and a half years; increased burden on children's ward.
सहारनपुर। टीबी अस्पताल परिसर में बना 42 बेड का बच्चा अस्पताल करीब ढाई साल से बंद पड़ा है। इसके चलते एसबीडी जिला अस्पताल में बच्चा वार्ड पर भार बढ़ गया है। हालत यह है कि हर दिन 30 से 35 बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं, जबकि वार्ड की क्षमता 24 बच्चों को भर्ती करने की है। गंभीर बच्चों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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इमरजेंसी रेस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज (ईसीआरपी) फेज द्वितीय के तहत पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर) यूनिट के प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत टीबी अस्पताल परिसर स्थित पीआईसीयू का भवन 2023 में बनना शुरू हुआ। करीब 8.36 करोड़ की लागत से भवन को तैयार किया गया। वर्ष 2024 में तैयार होने के बाद एसबीडी जिला अस्पताल को हैंडओवर कर दिया गया। इस अत्याधुनिक यूनिट में वह सब मशीनें हैं, जो बच्चों की जीवन रक्षा के लिए जरूरी होती हैं। 42 बेड के अस्पताल में 12 वेंटिलेटर, 30 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। यह सब ताले में बंद हैं और धूल फांक रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में प्रतिदिन 30 से 35 बच्चे भर्ती किए जाते हैं। हर महीने 10 से 12 बच्चे गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर किए जा रहे हैं। यह समस्या पीआईसीयू के नहीं चलने से हो रही है।
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-- एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज
एसबीडी जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड कई बार फुल रहता है। दो वार्ड बने हुए हैं, जिनमें 12-12 बेड हैं। इस समय वायरल बुखार और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके चलते वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। स्टाफ की भी कमी खल रही है।
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-- वर्जन
टीबी अस्पताल में बना पीआईसीयू को चलाने की तैयारी है। इससे पहले बाल रोग विशेषज्ञ और स्टाफ को पूरा करना है। स्टाफ मिलने के बाद पीआईसीयू को शुरू कर दिया जाएगा।

- डॉ. रविप्रकाश, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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