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पांवधोई, ढमोला की अनदेखी कर साफ नहीं होगी हिंडन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 29 Mar 2017 11:59 PM IST
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कचरे से अटी ढमोला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में केंद्र और राज्य सरकार प्रदूषित हो चुकी नदियों को पुन: अविरल बनाने की दिशा में कदम उठा रही हैं। यहां भी सहारनपुर से होकर गुजरने वाली हिंडन नदी पूरी तरह जहरीली हो चुकी है, जिसके लिए राज्य सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है।
हालांकि पांवधोई और ढमोला नदी को साफ किए बिना हिंडन को शुद्ध करना मुमकिन नहीं होगा। सहारनपुर की गंगा कही जाने वाली पांवधोई नदी का उद्गम गांव शकलापुरी से हो रहा है।
यह नदी बाबा लालदास घाट के पास शहर में एंट्री करती है। यहीं से ही इसमें कॉलोनियों से निकलने वाले नाले और सीवर के पाइप छोड़े हुए हैं। घाट से ढमोला नदी में गिरने तक पांवधोई में डेढ़ सौ से अधिक नाले और सीवर के पाइप छोड़े गए हैं, जिनकी वजह से इसका पानी लगातार दूषित हो रहा है।
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पुल खुमरान और जामा मस्जिद के सामने फल और सब्जी बेचने वाले भी ज्यादातर लोग शाम को दुकानों से कचरा इकट्ठा कर नदी में फेंकते आ रहे हैं, जिसकी वजह से पांवधोई का पानी दूषित हो रहा है।
इतना ही नहीं, नगर निगम ने पुल खुमरान के पास कचरा प्वाइंट बनाया हुआ है। यहां कचरे का नियमित उठान नहीं होने की वजह से कचरा जमा होकर पांवधोई में गिरता है।
यह भी पांवधोई के दूषित होने की एक वजह है। सब कुछ सहते और झेलते हुए पांवधोई नदी राकेश सिनेमा के पास ढमोला नदी में मिलती है। ढमोला नदी की हालत पांवधोई से भी बदतर है। ढमोला नदी के किनारे अनेक डेयरियां चल रही हैं।
इसके अलावा गंगोह बस अड्डे के लिए पुराने समय में आवंटित की गई जमीन पर भारी मात्रा में गोबर और शहरभर का कचरा डाला जा रहा है। बरसात के दिनों में यह गोबर और कचरा घुलकर ढमोला नदी में समा जाता है।
इसके बाद ढमोला दूषित होकर हिंडन नदी में मिलता है। ऐसे में साफ है कि पांवधोई और ढमोला नदी को साफ किए बगैर हिंडन नदी को प्रदूषणरहित करने की कल्पना तक करना बेमानी है।
हिंडन नदी के आसपास बसे गांवों के हैंडपंपों का पानी हिंडन की वजह से दूषित हो चुका है। अभी तक दर्जनों लोग पानी पीने से मौत का शिकार हो चुके हैं। क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था करने के लिए आंदोलन हो चुके हैं।
नदी को बचाने के लिए भी लोग अनशन तक कर चुके हैं। अब एनजीटी के आदेेश के बाद सरकार थोड़ी गंभीर नजर आ रही है। सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने केंद्रीय जल संसाधन और नदी विकास मंत्री डॉ. संजीव बालियान के समक्ष हिंडन नदी के दूषित होने की समस्या रखी है।
सांसद के आग्रह पर मंत्री हिंडन नदी और उसके आसपास बसे गांवों का दौरा करने को राजी हुए हैं। उन्होंने हिंडन को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन भी सांसद को दिया है।
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हालांकि पांवधोई और ढमोला नदी को साफ किए बिना हिंडन को शुद्ध करना मुमकिन नहीं होगा। सहारनपुर की गंगा कही जाने वाली पांवधोई नदी का उद्गम गांव शकलापुरी से हो रहा है।
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यह नदी बाबा लालदास घाट के पास शहर में एंट्री करती है। यहीं से ही इसमें कॉलोनियों से निकलने वाले नाले और सीवर के पाइप छोड़े हुए हैं। घाट से ढमोला नदी में गिरने तक पांवधोई में डेढ़ सौ से अधिक नाले और सीवर के पाइप छोड़े गए हैं, जिनकी वजह से इसका पानी लगातार दूषित हो रहा है।
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पुल खुमरान और जामा मस्जिद के सामने फल और सब्जी बेचने वाले भी ज्यादातर लोग शाम को दुकानों से कचरा इकट्ठा कर नदी में फेंकते आ रहे हैं, जिसकी वजह से पांवधोई का पानी दूषित हो रहा है।
इतना ही नहीं, नगर निगम ने पुल खुमरान के पास कचरा प्वाइंट बनाया हुआ है। यहां कचरे का नियमित उठान नहीं होने की वजह से कचरा जमा होकर पांवधोई में गिरता है।
यह भी पांवधोई के दूषित होने की एक वजह है। सब कुछ सहते और झेलते हुए पांवधोई नदी राकेश सिनेमा के पास ढमोला नदी में मिलती है। ढमोला नदी की हालत पांवधोई से भी बदतर है। ढमोला नदी के किनारे अनेक डेयरियां चल रही हैं।
इसके अलावा गंगोह बस अड्डे के लिए पुराने समय में आवंटित की गई जमीन पर भारी मात्रा में गोबर और शहरभर का कचरा डाला जा रहा है। बरसात के दिनों में यह गोबर और कचरा घुलकर ढमोला नदी में समा जाता है।
इसके बाद ढमोला दूषित होकर हिंडन नदी में मिलता है। ऐसे में साफ है कि पांवधोई और ढमोला नदी को साफ किए बगैर हिंडन नदी को प्रदूषणरहित करने की कल्पना तक करना बेमानी है।
हिंडन नदी के आसपास बसे गांवों के हैंडपंपों का पानी हिंडन की वजह से दूषित हो चुका है। अभी तक दर्जनों लोग पानी पीने से मौत का शिकार हो चुके हैं। क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था करने के लिए आंदोलन हो चुके हैं।
नदी को बचाने के लिए भी लोग अनशन तक कर चुके हैं। अब एनजीटी के आदेेश के बाद सरकार थोड़ी गंभीर नजर आ रही है। सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने केंद्रीय जल संसाधन और नदी विकास मंत्री डॉ. संजीव बालियान के समक्ष हिंडन नदी के दूषित होने की समस्या रखी है।
सांसद के आग्रह पर मंत्री हिंडन नदी और उसके आसपास बसे गांवों का दौरा करने को राजी हुए हैं। उन्होंने हिंडन को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन भी सांसद को दिया है।