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सहारनपुर: तीन हजार वर्ग मीटर में बनेगा हर्बल गॉर्डन, 12.80 लाख रुपये का बजट स्वीकृत

Mon, 31 Oct 2022 04:17 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 31 Oct 2022 04:17 PM IST
सार

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम की अध्यक्षता वाली उद्यान विकास समिति ने इस हर्बल गार्डन की स्थापना के लिए 12.80 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है।

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Herbal Garden will be built in three thousand square meters
कंपनी बाग में हर्बल गार्डन के लिए चयनित की गई भूमि। - फोटो : SAHARANPUR

विस्तार

सहारनपुर में लोगों को औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करने के लिए कंपनी बाग में हर्बल गार्डन बनाया जाएगा। तीन हजार वर्ग मीटर में 12.80 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हर्बल गार्डन के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। इसमें लोगों के उपचार में प्रयोग होने वाले विभिन्न औषधीय पौधों को रोपा जाएगा।

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औषधीय पौधे मनुष्य की विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए काम आते हैं। इसके बावजूद आमजन औषधीय पौधों के बारे में न सिर्फ कम जानते हैं बल्कि उनके संरक्षण के प्रति सजगता का भी अभाव है। इसको देखते हुए कंपनी बाग में तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में एक हर्बल गार्डन स्थापित किया जाएगा।
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मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम की अध्यक्षता वाली उद्यान विकास समिति ने इस हर्बल गार्डन की स्थापना के लिए 12.80 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। गार्डन में उपचार में प्रयोग होने वाले औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। जिससे लोगों को न सिर्फ उनकी पहचान हो सकें बल्कि उसके महत्व की जानकारी भी प्राप्त होगी।
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ये लगेंगे औषधीय पौधे
हर्बल गार्डन में बालों के लिए दोचुन्टी, घृतकुमारी, भृंगराज, गुडहल, मेंहदी, पेट के लिए विधारा, दंती, शादाब, अग्निमंथा, निशोथ, मस्तिष्क के लिए शंखपुष्पी, मंडूकपर्णी, ब्राह्मी, ज्योतिष्मति, मलकागनी और सौंदर्य प्रसाधन के लिए काम आने वाले जिरेनीयम, सिट्रोनेला और नीबू घास के पौधे लगाए जाएंगे। त्वचा रोग के उपचार के लिए काम आने वाले कत्था, अपामर्ग, घृतकुमारी, गुल बबुना एवं बाबची, सिर, आंख, नाक, कान एवं गले के रोगों लिए गंगा तुलसी, दारू हल्दी, कटसरइया, द्रोण पुष्पी एवं बबूल, श्वसन तंत्र के लिए मुलेठी, षालपर्णी, कुलंजन, गुल बकावली एवं अंतमूल, विशिष्ट रोगों के लिए कुंदरू, गुड़मार और हृदय संबंधी रोगों के लिए अशोक, पीली कनेर, तातरा, बानहेनदा, अदपुष्पी, रुद्राक्ष के पौधे लगाए जाएंगे। यकृत की बीमारियों के उपचार में काम आने वाले लुरहुर, कंदरू, भूम्यालकी, पुनर्नवा, एवं कालमेघ और मूत्र संबंधी रोगों के लिए पाकरमूल, रीठा, गोरखगांजा, पत्थर चूर, गोखरू के पौधों को रोपा जाएगा।

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जल्द तैयार हो जाएगा हर्बल गार्डन
कंपनी बाग परिसर में बनाए जाने वाले हर्बल गार्डन के लिए बजट की स्वीकृति मिल गई है। भूमि का चयन भी हो गया है। गार्डन बनाने की तैयारी हो चुकी है। जल्द ही इसे तैयार कर दिया जाएगा। - सुरेश कुमार, कार्यवाहक संयुक्त निदेशक औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र

 

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