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हेपेटाइटिस-बी और सी से लड़ाई हुई आसान
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जिला अस्पताल में पहुंची दवा
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। हेपेटाइटिस-बी और सी जैैसी गंभीर बीमारी से लड़ना अब आसान हो गया है। पहली बार एसबीडी जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं आई हैं, जो मरीजों को मुफ्त दी जाएंगी। एसबीडी जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी की 16600 गोलियां आई हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जी रहमान ने बताया कि पीलिया कई प्रकार का होता है। सामान्य पीलिया सामान्य दवाओं से ठीक हेे जाता है। हेपेटाइटिस बी और सी खतरनाक पीलिया होता है, जो लीवर पर अटैक करता है। उन्होंने बताया कि यह एक शांत संक्रमण है। अधिकतर लोगों को इस संक्रमण के होने का पता नहीं चल पाता है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और सी का इलाज महंगा है, जिसकी दवाएं काफी महंगी होती हैं। इसी वजह से गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाले मरीज इसका इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में कई बार उनकी जान तक चली जाती है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं आने का सबसे अधिक फायदा उन मरीजों को होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाते थे।
मेरठ के डॉक्टर करेंगे इलाज
हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं मुफ्त पाने के लिए मरीज को एसबीडी जिला अस्पताल में संपर्क करना होगा। यहां से मरीज को इलाज के लिए मेरठ भेजा जाएगा। मेरठ के चिकित्सक मरीज की जांच कराएंगे। वहीं चिकित्सक तय करेंगे कि हेपेटाइटिस बी और सी किस स्टेज में है तथा मरीज को कितनी खुराक देनी है। उसके बाद मरीज को दवाएं जिला अस्पताल सहारनपुर से मुफ्त मिलेंगी।
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आठ से दस हजार की हैं दवाएं
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी दवाएं दो अलग-अलग तरह की डिब्बियों में आईं हैं। बाजार में इन दोनों डिब्बियों की कीमत आठ से दस हजार रुपये है। चिकित्सकों ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और सी के मरीज की एक माह की दवाएं 10 से 15 हजार रुपये तक आती हैं। यही वजह है कि गरीब व्यक्ति इलाज से वंचित रह जाते हैं।
हर माह आते हैं 30 से अधिक मरीज
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का कोई अलग से आंकड़ा नहीं रखा जाता है, लेकिन माह में 25 से 30 मरीज इसके आ जाते हैं।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। अब हेपेेटाइटिस-बी और सी की दवाएं सरकारी अस्पतालों को उपलब्ध कराना बड़ी पहल है। निश्चित रूप से गरीब जनता को इससे लाभ होगा। लोगों से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित है तो वह जिला अस्पताल पहुंचकर मुफ्त इलाज कराए।
डॉ. आभा वर्मा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जी रहमान ने बताया कि पीलिया कई प्रकार का होता है। सामान्य पीलिया सामान्य दवाओं से ठीक हेे जाता है। हेपेटाइटिस बी और सी खतरनाक पीलिया होता है, जो लीवर पर अटैक करता है। उन्होंने बताया कि यह एक शांत संक्रमण है। अधिकतर लोगों को इस संक्रमण के होने का पता नहीं चल पाता है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और सी का इलाज महंगा है, जिसकी दवाएं काफी महंगी होती हैं। इसी वजह से गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाले मरीज इसका इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में कई बार उनकी जान तक चली जाती है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं आने का सबसे अधिक फायदा उन मरीजों को होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाते थे।
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मेरठ के डॉक्टर करेंगे इलाज
हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं मुफ्त पाने के लिए मरीज को एसबीडी जिला अस्पताल में संपर्क करना होगा। यहां से मरीज को इलाज के लिए मेरठ भेजा जाएगा। मेरठ के चिकित्सक मरीज की जांच कराएंगे। वहीं चिकित्सक तय करेंगे कि हेपेटाइटिस बी और सी किस स्टेज में है तथा मरीज को कितनी खुराक देनी है। उसके बाद मरीज को दवाएं जिला अस्पताल सहारनपुर से मुफ्त मिलेंगी।
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आठ से दस हजार की हैं दवाएं
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी और सी दवाएं दो अलग-अलग तरह की डिब्बियों में आईं हैं। बाजार में इन दोनों डिब्बियों की कीमत आठ से दस हजार रुपये है। चिकित्सकों ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और सी के मरीज की एक माह की दवाएं 10 से 15 हजार रुपये तक आती हैं। यही वजह है कि गरीब व्यक्ति इलाज से वंचित रह जाते हैं।
हर माह आते हैं 30 से अधिक मरीज
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का कोई अलग से आंकड़ा नहीं रखा जाता है, लेकिन माह में 25 से 30 मरीज इसके आ जाते हैं।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। अब हेपेेटाइटिस-बी और सी की दवाएं सरकारी अस्पतालों को उपलब्ध कराना बड़ी पहल है। निश्चित रूप से गरीब जनता को इससे लाभ होगा। लोगों से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित है तो वह जिला अस्पताल पहुंचकर मुफ्त इलाज कराए।
डॉ. आभा वर्मा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल।