फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Help to break other members, save yourself too

दूसरे सदस्य तोड़ने की जुगत, अपने भी पड़ेंगे बचाने

Wed, 05 May 2021 11:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 05 May 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
Help to break other members, save yourself too
सहारनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आया खंडित जनादेश राजनीतिक दलों के गले की फांस बनेगा। ऐसे में दूसरी पार्टी के सदस्यों को तोड़ने की जुगत भिड़ाने के साथ ही अपनी पार्टी के सदस्यों को सहेजकर रखना भी चुनौती रहेगा। वहीं, वर्तमान परिस्थिति के मुताबिक सत्ताधारी भाजपा को अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करना किसी किले को भेदने से कम नहीं होगा।
विज्ञापन

दरअसल, जिले में कुल 49 जिला पंचायत सदस्य हैं। किसी भी पार्टी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए 25 सदस्यों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 14 और बसपा के पास भी 14 सदस्य हैं। वहीं, कांग्रेस के पास 08, सपा के पास 05, निर्दलीय 07 और भाकियू का एक सदस्य निर्वाचित हुआ है।
विज्ञापन

अध्यक्ष पद कब्जाने के लिए भाजपा को 11 और सदस्य की आवश्यकता होगी, तभी 25 का आंकड़ा छू पाएगी तो, बसपा को भी यही करना होगा। ऐसे में निर्वाचित निर्दलीय 07 सदस्यों पर इन दोनों पार्टियों की नजर है, लेकिन निर्दलीय को मिलाकर भी 25 का आंकड़ा पकड़ से दूर रह जाएगा है। इससे साफ है कि भाजपा और बसपा को अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए कांग्रेस, सपा में सेंधमारी करनी पड़ेगी। ऐसा भी संभव है कि भाजपा और बसपा से अलग एक और मोर्चा खड़ा हो जाए, जो निर्दलीय, कांग्रेस, सपा और भाकियू को मिलाकर बनेगा। लेकिन इन चारों के मिलाकर भी सदस्यों की संख्या भी सिर्फ 21 बनती है। अर्थात तीसरा मोर्चा बनता भी है तो उन्हें भी जीत हासिल करने के लिए भाजपा अथवा बसपा में सेंधमारी करनी पड़ेगी। अभी सदस्य पदों का निर्वाचन हुआ, अब देखना यह है कि अध्यक्ष पद की लड़ाई में आगे राजनीति के धुरंधरों की पैंतरेबाजी क्या गुल खिलाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा में कई दावेदार
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा में सबसे ज्यादा दावेदार हैं। इनमें बिजेंद्र कश्यप, गायत्री चौधरी पत्नी मनोज चौधरी, मुकेश चौधरी और मांगेराम चौधरी का भी नाम शामिल है। फिलहाल इनके अलावा कोई नाम अध्यक्ष पद को लेकर सामने नहीं आ रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी इन्हीं में से किसी एक को भाजपा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना सकती है। इन दावेदारों ने अपने राजनीतिक आकाओं से पैरवी करानी शुरू कर दी है और जीत का गणित समझाया जा रहा है। इसी तरह बसपा में अध्यक्ष पद को लेकर बसपा नेता नवीन खटाना की मां शिमला देवी को प्रबल दावेदार माना जा रहा है तो, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति माजिद अली भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं।

कांग्रेस लड़ेगी नहीं, चुनाव लड़ाएगी
कांग्रेस की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना तय नहीं माना जा रहा है। पूर्व विधायक इमरान मसूद का कहना है कि हमारे आठ सदस्य हैं, चार अन्य सदस्य भी उनके संपर्क में हैं। कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन जो सदस्य उनके पास आ रहे हैं, उन्हें लड़ाया जा सकता है, सभी के लिए दरवाजे खुले हैं। हमारा लक्ष्य भाजपा को हराना है, जिसमें तीसरे मोर्चे पर भी विचार संभव है। कांग्रेस की विचारधारा के साथ ही मोर्चे में शामिल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed