फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Heart and blood pressure patients should be careful in winter

सर्दी में संभलकर रहें दिल और रक्तचाप के मरीज

Sun, 16 Jan 2022 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Heart and blood pressure patients should be careful in winter
डाक्टर अनिल वोहरा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। सर्दी लगातार बढ़ रही है। शीतलहर के साथ ही मौसम में कोहरा भी बना हुआ है। यह मौसम दिल और रक्तचाप के मरीजों की समस्या बढ़ाने वाला है। जिसमें उक्त जरा सी लापरवाही मरीज को मुसीबत में डाल सकती है। ऐसे में चिकित्सकों की विशेष सलाह है कि दिल और रक्तचाप के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें।
विज्ञापन

एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि सर्दियों में शरीर में केटीकोलामिन का रिसाव बढ़ जाता है, जो ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप को प्रभावित करता है। । रक्तचाप के तेजी से बढ़ने से ब्रेन हैमरेज और हार्टअटैक होने की आशंका बढ़ जाती है। रक्तचाप या दिल के मरीजों के लिए सर्दियों में सुबह चार बजे से 10 बजे तक का समय सबसे खतरनाक रहता है, क्योंकि यही वह समय है जब केटीकोलामिन का रिसाव सबसे अधिक रहता है। दिल के मरीजों को कोहरे में बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही अपनी मर्जी से दवा घटानी या बढ़ानी और छोड़नी नहीं चाहिए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं फिजीशियन डॉ. कुनाल जैन बताते हैं कि रक्तचाप के मरीजों को अपने रक्तचाप को नियंत्रित रखना चाहिए, क्योंकि इसके गड़बड़ाने की वजह से भी कई बार मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है।
विज्ञापन

इन लोगों को अधिक खतरा
- धूम्रपान करने वालों और अधिक शराब पीने वालों को।
- अधिक नमक खाने वालों और मोटे लोगों को।
- व्यायाम नहीं करने वालों और गुस्सा व चिंता करने वालों को।
- डायबिटीज के मरीजों को।
उच्च रक्तचाप के मरीज इनसे बचें
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
- नमक का कम से कम सेवन करें।
- गुस्सा और चिंता करना छोड़ दें।
- डॉक्टर की सलाह से कसरत करते रहें।
उच्च रक्तचाप के नुकसान
- एंजाइना, हार्टअटैक आना या हार्टफेल होना, हार्ट का फैल जाना या अचानक से धड़कन रुक जाना।
- दिमाग की नस बंद होना, नस का फट जाना या फिर अधरंग और पैरालिसिस का होना।
- गुर्दे फेल होना और हाथों और पैरों का फूल जाना।
- आंख का पर्दा खराब होना या आंख में ब्लड का जम जाना।
- नसों में जमाव के कारण टांगों में दर्द होना।
- नाक की नस का फटना।
हार्ट अटैक के लक्षण
- छाती के बीचोबीच दर्द का होना और दर्द का हाथ की तरफ जाना।
- छाती के दर्द का गले में जाना।
- छाती के दर्द के साथ पसीना आना और सांस फूलना।
दिल के मरीज यह खाएं
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और ताजे फल।
- साबूत और छिलके वाली दालें।
- ब्राउन ब्रेड या ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाकर रोटी खाएं।
- प्याज और लहसुन खाएं।

डाक्टर कुणाल जैन

डाक्टर कुणाल जैन- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed