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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Hearing today on the question of sentencing in the murder of Ravindra from Dhirahedi.

Saharanpur News: धीराहेड़ी के रविंद्र की हत्या में आज सजा के प्रश्न पर सुनवाई

Sat, 26 Sep 2026 01:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:09 AM IST
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Hearing today on the question of sentencing in the murder of Ravindra from Dhirahedi.
मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के धीराहेड़ी में 26 साल पहले प्रधान पद के चुनाव की रंजिश को लेकर अंजाम दी गई रविंद्र कुमार की हत्या के मामले में शनिवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई होगी। प्रकरण में सात आरोपियों पर दोष सिद्ध हो चुका है। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी ज्योत्सना सिंह सुनवाई करेंगी।
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वर्ष 2000 के प्रधान पद के चुनाव में धीराहेड़ी के बसंत कुमार और वेदपाल सिंह पक्ष ने आमने-सामने चुनाव लड़ा था। बसंत की पत्नी सुमन गांव की प्रधान चुनी गई थी, जबकि दूसरे पक्ष की हरवीरी हार गई थीं। चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया।
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वादी जसवीर सिंह ने 20 सितंबर 2000 को भोपा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसका भतीजा जयविंद्र अपने साथी रूपक और गौतम के साथ जनता इंटर कॉलेज भोपा से घर लौट रहा था। गांव में जब वह धूम सिंह के मकान के सामने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने रूपक और गौतम को पकड़कर घर में बंद कर लिया। मौके से भागकर जयविंद्र ने घर पर जानकारी दी।
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परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे। इस बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी।
हमले में रविंद्र की मौत हो गई थी, जबकि सात लोग घायल हुए थे। पुलिस ने धीराहेड़ी के धूम सिंह, उसके बेटे गुलवीर, ओमवीर के अलावा अनिल, रविंद्र, नवाब, संजीव, पंकज, प्रीतम और महमूदपुर माजरा निवासी बसंत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। ट्रायल के दौरान धूम सिंह की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए थे।
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चेयरमैन धूम सिंह की मौत और बेटे हुए दोषमुक्त
धीराहेड़ी गांव के धूम सिंह मंसूरपुर गन्ना समिति के चेयरमैन और भोपा इंटर कॉलेज के प्रबंधक रहे थे। केस के ट्रायल के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जबकि उनके दोनों बेटे ओमवीर और गुलवीर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया था।
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