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Saharanpur News: बार संघ की हड़ताल से धार्मिक स्थल प्रकरण की सुनवाई टली
Thu, 24 Sep 2026 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:24 AM IST
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देवबंद। सरकारी भूमि पर संचालित मदरसों, मस्जिदों और मजारों को धारा 67 के तहत जारी नोटिस से जुड़े धार्मिक स्थल प्रकरण में बुधवार को बार संघ की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में फिलहाल अगली तिथि निर्धारित नहीं की गई है। हड़ताल समाप्त होने पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
बुधवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण धार्मिक स्थल मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इससे पहले भी इस प्रकरण में कई बार सुनवाई टल चुकी है। हाल ही में मामले में पहली बार जिरह शुरू हुई थी और पक्षकारों की ओर से भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज और तर्क प्रस्तुत किए गए थे। प्रकरण में देवबंद और नागल क्षेत्र के छह मदरसों, मस्जिदों और मजारों को सरकारी भूमि पर संचालित किए जाने के आरोप में राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों की ओर से भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज तहसीलदार न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं।
वहीं, ग्राम समाज की ओर से भी राजस्व अभिलेख और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। मामले में पहले बार संघ के अवकाश, कांवड़ यात्रा और प्रशासनिक व्यस्तताओं समेत विभिन्न कारणों से सुनवाई टलती रही है। अब बुधवार को एक बार फिर अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अगली तिथि तय होने के बाद ही मामले की आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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बुधवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण धार्मिक स्थल मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इससे पहले भी इस प्रकरण में कई बार सुनवाई टल चुकी है। हाल ही में मामले में पहली बार जिरह शुरू हुई थी और पक्षकारों की ओर से भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज और तर्क प्रस्तुत किए गए थे। प्रकरण में देवबंद और नागल क्षेत्र के छह मदरसों, मस्जिदों और मजारों को सरकारी भूमि पर संचालित किए जाने के आरोप में राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों की ओर से भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज तहसीलदार न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं।
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वहीं, ग्राम समाज की ओर से भी राजस्व अभिलेख और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। मामले में पहले बार संघ के अवकाश, कांवड़ यात्रा और प्रशासनिक व्यस्तताओं समेत विभिन्न कारणों से सुनवाई टलती रही है। अब बुधवार को एक बार फिर अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अगली तिथि तय होने के बाद ही मामले की आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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