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Saharanpur News: डायरिया रोको अभियान से शिशु मृत्यु दर कम करेगा स्वास्थ्य विभाग
Thu, 04 Jul 2024 03:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 04 Jul 2024 03:59 AM IST
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सहारनपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए डायरिया रोको अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों को चिह्नित करेंगी। ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां दी जाएंगी।
बरसात के मौसम में बच्चों को डायरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे बीमार होने लगते हैं। 8.5 फीसदी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु डायरिया के कारण होती है। इसे देखते हुए पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया के दौरान ओआरएस और जिंक के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके प्रबंधन, उपचार व परामर्श के लिए 31 अगस्त तक डायरिया रोको अभियान चलाया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के सभी बच्चों को घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट वितरित किए जाएंगे। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस व जिंक गोलियों के प्रयोग की जानकारी दी जाएगी, जिससे डायरिया होने की स्थिति में तुरंत ओआरएस पैकेट प्रयोग हो सके। जिन बच्चों में डायरिया के लक्षण मिलेंगे, उन्हें जिंक उपलब्ध कराई जाएगी।
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-- इन बातों का रखें ध्यान
- स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें।
- उम्र के अनुसार शिशु व बाल पोषण संबंधी परामर्श दें।
- दस्त के दौरान बच्चों को तरल पदार्थ दें।
- दस्त होने पर बच्चों को उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दें।
- डायरिया को फैलने से रोकने के लिए शौचालय का उपयोग करें।
- खाना बनाने, परोसने एवं खाना खिलाने से पूर्व व बच्चों का मल साफ करने के बाद साबुन से हाथ धोएं।
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बरसात के मौसम में बच्चों को डायरिया होने की आशंका बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे बीमार होने लगते हैं। 8.5 फीसदी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु डायरिया के कारण होती है। इसे देखते हुए पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया के दौरान ओआरएस और जिंक के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके प्रबंधन, उपचार व परामर्श के लिए 31 अगस्त तक डायरिया रोको अभियान चलाया जाएगा।
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जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के सभी बच्चों को घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट वितरित किए जाएंगे। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस व जिंक गोलियों के प्रयोग की जानकारी दी जाएगी, जिससे डायरिया होने की स्थिति में तुरंत ओआरएस पैकेट प्रयोग हो सके। जिन बच्चों में डायरिया के लक्षण मिलेंगे, उन्हें जिंक उपलब्ध कराई जाएगी।
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- स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें।
- उम्र के अनुसार शिशु व बाल पोषण संबंधी परामर्श दें।
- दस्त के दौरान बच्चों को तरल पदार्थ दें।
- दस्त होने पर बच्चों को उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दें।
- डायरिया को फैलने से रोकने के लिए शौचालय का उपयोग करें।
- खाना बनाने, परोसने एवं खाना खिलाने से पूर्व व बच्चों का मल साफ करने के बाद साबुन से हाथ धोएं।