देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पांच सूत्रीय ज्ञापन भेजा। जिसमें मुसलमानों के बड़े त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर ईदगाह में नमाज अदा करने की अनुमति देने तथा कुर्बानी के लिए जानवरों की खरीद फरोख्त के लिए स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है।
सोमवार को दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार सिंह को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार करीब है और इस्लाम धर्म में कुर्बानी को बहुत बड़ी इबादत माना गया है, जबकि इसका कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। देश में कोरोना संक्रमण की वजह से धार्मिक गतिविधियों सहित विभिन्न तरह के प्रतिबंध लागू हैं। मुसलमान पाबंदियों की वजह से इसकी तैयारी भी नहीं कर पा रहे हैं। मौलाना मद्रासी ने मांग करते हुए कहा की ईद-उल-अजहा के मद्देनजर तिथि व दिनों के अनुसार शनिवार और रविवार का लॉकडाउन स्थगित किया जाए जिससे त्योहार प्रभावित न हो। ईद-उल-अजहा की नमाज सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ईदगाह में अदा करने की अनुमति दी जाए। कुर्बानी के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त को पैठ बाजार लगाने की प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा है। इस संबंध के अनुमति के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं। इसके साथ ही ज्ञापन में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त के साथ बिना संख्या निर्धारण मस्जिदों में पांच टाइम की नमाज अदा किए जाने की भी मांग की गई है, साथ ही कहा कि सरकार के इस कदम से पूरी दुनिया में अच्छा संदेश जाएगा। गौरतलब है कि आगामी 31 जुलाई या 1 अगस्त को ईद-उल-अजहा का त्योहार है, जिसमें मुस्लिम समाज के लोग तीन दिनों तक अल्लाह के राह में कुर्बानी देते हैं, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से सरकार ने विभिन्न तरह की पाबंदियां लगाई हुई हैं। जिसकी वजह से मुसलमान सबसे बड़ा ईद-उल-फितर का त्योहार भी नहीं मना पाए थे।