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आम बजट : किसी ने सराहा, किसी ने कहा निराशाजनक
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किसान भगत सिंह वर्मा
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। आम बजट पर उद्यमियों, व्यापारियों, काष्ठ हस्त शिल्पियों, किसानों और गृहिणियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कोई इसे अच्छा बजट बताते हुए इसकी सराहना कर रहा है, तो किसी का कहना है कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। आम जन इससे बेहतर बजट की उम्मीद कर रहे थे। सभी ने बजट से काफी आस लगा रखी थी।
मिला जुला रहा बजट
आमजन एवं व्यापारियों के लिहाज से केंद्रीय बजट निराशाजनक साबित हुआ है। इसमें किसी भी प्रकार की इनकम टैक्स छूट में वृद्धि या टैक्स स्लैब बढ़ोतरी नहीं की गई। हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास की बात करें तो काफी सकारात्मक घोषणाएं इस बजट में की गई हैं। --- भरत मिगलानी, सीए।
अच्छा बजट, लेकिन इनकम टैक्स में छूट होनी चाहिए
यह एक अच्छा बजट है। हालांकि इनकम टैक्स में छूट देनी चाहिए थी। इससे निराशा है। कॉरपोरेट टैक्स को भी 18 से हटाकर 15 प्रतिशत किया गया है। चमड़ा, कपड़ा, खेती का सामान, पैकेजिंग के डिब्बे, मोबाइल फोन चार्जर सस्ते होने का लाभ आमजन को होगा। -- संजय भसीन, मंडल महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल।
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परिवहन कारोबार की अनदेखी
परिवहन कारोबार देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बजट में परिवहन कारोबार की अनदेखी की गई है। यह कारोबार सरकार को अग्रिम टैक्स अदा करता है। बजट में परिवहन क्षेत्र के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई। ---- ब्रित चावला, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन।
राष्ट्रहित में है बजट
सभी टैक्स आसान बनाए गए हैं। फिनिश डायमंड में थोड़ी रियायत दी गई। सोने चांदी को ज्यों का त्यों रखा गया है। अपने देश में बने समान को बढ़ावा दिया गया है। बजट राष्ट्र हित में है। --- गौतम शंकर सिंघल, अध्यक्ष, सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन कोर्ट रोड।
उम्मीदों पर खरा नहीं बजट
एमएसएमई के लिए कोई प्रोत्साहन योजना की घोषणा इस बजट में नहीं है। उम्मीद थी कि काष्ठ कला हस्तशिल्प निर्यातकों को सुविधा देने के लिए कोई ठोस योजना इस बजट में होगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए यह बजट निराश करने वाला है। --- रविन्द्र मिगलानी, अध्यक्ष चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एवं सर्विसेज।
बजट से व्यापारियों में हर्ष
मंगलवार को पेश किया गया आम बजट व्यापारी, युवा, किसान, मजदूर सभी के हित में है। इसमें कर प्रणाली को और सुगम बनाया गया है । इस बजट से व्यापारी समाज में उत्साह का माहौल है। ---- मनोज ठाकुर, जिला महामंत्री, व्यापारी सुरक्षा फोरम।
सराहनीय बजट
वित्तमंत्री ने एक अच्छा बजट पेश किया है। इसमें सभी क्षेत्रों को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया गया है। टैक्स प्रणाली में सुधार की बात की गई है। इससे सरकार के राजस्व में ओर बढ़ोतरी होगी। वित्तमंत्री का प्रयास सराहनीय है लेकिन इसमें ओर भी भी बेहतर करने की गुंजाइश है।--- अमित धींगड़ा व्यापारी।
बजट किसानों के लिए निराशाजनक
किसानों को उम्मीद थी कि किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर कम से कम 12 हजार रुपये की जाएगी। फसलों पर एमएसपी की गारंटी का प्रावधान नहीं होने से किसान निराश हैं। कृषि क्षेत्र के लिए बजट हवा हवाई है। --- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव युवा भाकियू (अंबावत)।
किसान और गरीब विरोधी बजट
बजट किसान और गरीब विरोधी है। इसमें किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों को आशा थी कि इस बजट में किसानों के कर्ज व ब्याज माफ किए जाएंगे। फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। --- भगत सिंह वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा।
बजट किसान हितैषी
बजट में किसानों को उसकी फसल का एमएसपी सीधे खाते में दिए जाने की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है। डिजिटल रजिस्ट्री भी किसानों के लिए लाभकारी होगी। फसल की एमएसपी किसान के खाते में आने से बिचौलिए बीच से हट जाएंगे। जिससे किसानों को लाभ होगा। ----- राहुल त्यागी, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ।
महंगाई रोकने का प्रावधान नहीं
लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई का दंश गृहिणियों को झेलना पड़ता है। --- निशा, गृहणी।
सरकार को महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करनी चाहिए थी। इसकी कमी बजट में दिख रही है। महिलाओं को बैंक में जमा राशि पर अपेक्षाकृत अधिक ब्याज भी मिलना चाहिए। ---- अंजलि शर्मा।
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मिला जुला रहा बजट
आमजन एवं व्यापारियों के लिहाज से केंद्रीय बजट निराशाजनक साबित हुआ है। इसमें किसी भी प्रकार की इनकम टैक्स छूट में वृद्धि या टैक्स स्लैब बढ़ोतरी नहीं की गई। हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास की बात करें तो काफी सकारात्मक घोषणाएं इस बजट में की गई हैं। --- भरत मिगलानी, सीए।
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अच्छा बजट, लेकिन इनकम टैक्स में छूट होनी चाहिए
यह एक अच्छा बजट है। हालांकि इनकम टैक्स में छूट देनी चाहिए थी। इससे निराशा है। कॉरपोरेट टैक्स को भी 18 से हटाकर 15 प्रतिशत किया गया है। चमड़ा, कपड़ा, खेती का सामान, पैकेजिंग के डिब्बे, मोबाइल फोन चार्जर सस्ते होने का लाभ आमजन को होगा। -- संजय भसीन, मंडल महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल।
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परिवहन कारोबार की अनदेखी
परिवहन कारोबार देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बजट में परिवहन कारोबार की अनदेखी की गई है। यह कारोबार सरकार को अग्रिम टैक्स अदा करता है। बजट में परिवहन क्षेत्र के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई। ---- ब्रित चावला, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन।
राष्ट्रहित में है बजट
सभी टैक्स आसान बनाए गए हैं। फिनिश डायमंड में थोड़ी रियायत दी गई। सोने चांदी को ज्यों का त्यों रखा गया है। अपने देश में बने समान को बढ़ावा दिया गया है। बजट राष्ट्र हित में है। --- गौतम शंकर सिंघल, अध्यक्ष, सहारनपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन कोर्ट रोड।
उम्मीदों पर खरा नहीं बजट
एमएसएमई के लिए कोई प्रोत्साहन योजना की घोषणा इस बजट में नहीं है। उम्मीद थी कि काष्ठ कला हस्तशिल्प निर्यातकों को सुविधा देने के लिए कोई ठोस योजना इस बजट में होगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए यह बजट निराश करने वाला है। --- रविन्द्र मिगलानी, अध्यक्ष चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एवं सर्विसेज।
बजट से व्यापारियों में हर्ष
मंगलवार को पेश किया गया आम बजट व्यापारी, युवा, किसान, मजदूर सभी के हित में है। इसमें कर प्रणाली को और सुगम बनाया गया है । इस बजट से व्यापारी समाज में उत्साह का माहौल है। ---- मनोज ठाकुर, जिला महामंत्री, व्यापारी सुरक्षा फोरम।
सराहनीय बजट
वित्तमंत्री ने एक अच्छा बजट पेश किया है। इसमें सभी क्षेत्रों को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया गया है। टैक्स प्रणाली में सुधार की बात की गई है। इससे सरकार के राजस्व में ओर बढ़ोतरी होगी। वित्तमंत्री का प्रयास सराहनीय है लेकिन इसमें ओर भी भी बेहतर करने की गुंजाइश है।--- अमित धींगड़ा व्यापारी।
बजट किसानों के लिए निराशाजनक
किसानों को उम्मीद थी कि किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर कम से कम 12 हजार रुपये की जाएगी। फसलों पर एमएसपी की गारंटी का प्रावधान नहीं होने से किसान निराश हैं। कृषि क्षेत्र के लिए बजट हवा हवाई है। --- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव युवा भाकियू (अंबावत)।
किसान और गरीब विरोधी बजट
बजट किसान और गरीब विरोधी है। इसमें किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों को आशा थी कि इस बजट में किसानों के कर्ज व ब्याज माफ किए जाएंगे। फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। --- भगत सिंह वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा।
बजट किसान हितैषी
बजट में किसानों को उसकी फसल का एमएसपी सीधे खाते में दिए जाने की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है। डिजिटल रजिस्ट्री भी किसानों के लिए लाभकारी होगी। फसल की एमएसपी किसान के खाते में आने से बिचौलिए बीच से हट जाएंगे। जिससे किसानों को लाभ होगा। ----- राहुल त्यागी, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ।
महंगाई रोकने का प्रावधान नहीं
लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई का दंश गृहिणियों को झेलना पड़ता है। --- निशा, गृहणी।
सरकार को महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करनी चाहिए थी। इसकी कमी बजट में दिख रही है। महिलाओं को बैंक में जमा राशि पर अपेक्षाकृत अधिक ब्याज भी मिलना चाहिए। ---- अंजलि शर्मा।

सर्राफ गौतम शंकर सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

रविन्द्र मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

सीए भरत मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी अमित धींगरा- फोटो : SAHARANPUR

किसान नीरज चौधरी- फोटो : SAHARANPUR

किसान राहुल त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

गृहणी अंजली शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

गृहणी निशा रानी बाजार- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी संजय भसीन- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी व्रित चावला- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी मनोज ठाकुर- फोटो : SAHARANPUR