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इस्लाम में जुआ और किस्मत आजमाने वाले खेल खेलना हराम : गोरा
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा।
देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने मुसलमानों को ऑनलाइन गेम्स के बढ़ते चलन से दूर रहने की नसीहत की है। उनका कहना है कि कुरआन में जुआ और किस्मत आजमाने वाले खेलों को हराम करार दिया गया है।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि वर्तमान में ऑनलाइन गेम्स की लत समाज में तेजी के साथ फैल रही है। नौजवान तबका ही नहीं बल्कि उम्रदराज लोग भी इसकी जद में है। उन्होंने कहा कि इन खेलों में लोग पैसे लगाते हैं और कोई जीत जाता है और कोई हार जाता है। इस्लाम की नजर में यह अमल साफ तौर पर जुए की सूरत रखता है। अल्लाह ताआला ने कुरआन-ए-करीम में जुआ और किस्मत आजमाने वाले खेलों को नापाक और हराम करार दिया है। इस्लाम में जुए को इंसान की तबाही और बरबादी का रास्ता बताया है। कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि ऐसे खेलों और हर उस काम से दूर रहें जिसे अल्लाह और उसके रसूल ने मना फरमाया है।
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि वर्तमान में ऑनलाइन गेम्स की लत समाज में तेजी के साथ फैल रही है। नौजवान तबका ही नहीं बल्कि उम्रदराज लोग भी इसकी जद में है। उन्होंने कहा कि इन खेलों में लोग पैसे लगाते हैं और कोई जीत जाता है और कोई हार जाता है। इस्लाम की नजर में यह अमल साफ तौर पर जुए की सूरत रखता है। अल्लाह ताआला ने कुरआन-ए-करीम में जुआ और किस्मत आजमाने वाले खेलों को नापाक और हराम करार दिया है। इस्लाम में जुए को इंसान की तबाही और बरबादी का रास्ता बताया है। कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि ऐसे खेलों और हर उस काम से दूर रहें जिसे अल्लाह और उसके रसूल ने मना फरमाया है।
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