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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठा घनश्याम सिंह पंचतत्व में विलीन
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ठा घनश्याम सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
नानौता (सहारनपुर)। गांव सोना अर्जुनपुर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर घनश्याम सिंह उर्फ नेताजी का 95 वर्ष की उम्र में हृदयाघात से बृहस्पतिवार की सुबह निधन हो गया। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों सहित पुलिस प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
स्वतंत्रता सेनानी ठा. घनश्याम सिंह के भतीजे विशाल देव ने बताया कि सुबह ताऊ जी की तबीयत अचानक खराब हुई और उनका निधन हो गया। इसके बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभ चिंतक सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे। संस्कार यात्रा से पूर्व घनश्याम सिंह का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां परिजनों से लेकर क्षेत्र के लोगों ने उनके समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार से पूर्व पुलिस गारद द्वारा सलामी दी गई। इसके बाद उनकी चिता को पोत्र कुणाल राणा द्वारा मुखाग्नि दी गई। इस दौरान तहसीलदार रामपुर मनिहारान विपिन चतुर्वेदी, थानाध्यक्ष चंद्रसेन सैनी, पूर्व प्रधान श्यामवीर सिंह, कुणाल राणा, देवेंद्र सिंह, बलसिंह, विनोद राणा, जयविंदर सिंह, चंद्रवीर राणा सहित काफी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
आजादी के बाद इमरजेंसी में भी गए थे जेल
गांव सोना अर्जुनपुर निवासी ठाकुर नसीर सिंह के यहां वर्ष 1925 में ठा. घनश्याम सिंह का जन्म हुआ था। बचपन से ही देश की आजाद कराने का जज्बा उनके मन में था। इसी को लेकर वो क्रांति की लो जलाने के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल हो गए। इस दौरान वे जेल भी गए। अंग्रेजी से भारत को आजाद कराने के बाद उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी को भी झेला। फुल्लो देवी से शादी के बाद उनके घर एक पुत्री ने जन्म लिया, जिसका लालन-पालन उन्होंने बड़े प्यार से किया।
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स्वतंत्रता सेनानी ठा. घनश्याम सिंह के भतीजे विशाल देव ने बताया कि सुबह ताऊ जी की तबीयत अचानक खराब हुई और उनका निधन हो गया। इसके बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभ चिंतक सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे। संस्कार यात्रा से पूर्व घनश्याम सिंह का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां परिजनों से लेकर क्षेत्र के लोगों ने उनके समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार से पूर्व पुलिस गारद द्वारा सलामी दी गई। इसके बाद उनकी चिता को पोत्र कुणाल राणा द्वारा मुखाग्नि दी गई। इस दौरान तहसीलदार रामपुर मनिहारान विपिन चतुर्वेदी, थानाध्यक्ष चंद्रसेन सैनी, पूर्व प्रधान श्यामवीर सिंह, कुणाल राणा, देवेंद्र सिंह, बलसिंह, विनोद राणा, जयविंदर सिंह, चंद्रवीर राणा सहित काफी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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आजादी के बाद इमरजेंसी में भी गए थे जेल
गांव सोना अर्जुनपुर निवासी ठाकुर नसीर सिंह के यहां वर्ष 1925 में ठा. घनश्याम सिंह का जन्म हुआ था। बचपन से ही देश की आजाद कराने का जज्बा उनके मन में था। इसी को लेकर वो क्रांति की लो जलाने के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल हो गए। इस दौरान वे जेल भी गए। अंग्रेजी से भारत को आजाद कराने के बाद उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी को भी झेला। फुल्लो देवी से शादी के बाद उनके घर एक पुत्री ने जन्म लिया, जिसका लालन-पालन उन्होंने बड़े प्यार से किया।

स्वतंत्रता सेनानी के पार्थिव शरीर को सलामी देती पुलिस गारद- फोटो : SAHARANPUR
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