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Saharanpur News: कुत्तों के हमले में चार साल की मासूम गंभीर, 35 टांके लगे
Tue, 14 Apr 2026 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 14 Apr 2026 01:35 AM IST
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नानौता में कुत्तों के काटने से घायल बच्ची वलिया।बच्ची को चेहरे पर 35 टांके आए हैं।स्रोत नाग
- फोटो : एचबीटीयू
नानौता । नगर के मोहल्ला शेखजादगान निवासी तौफीक कुरैशी की चार वर्षीय बेटी वलिया कुरैशी पर कुत्तों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। हमले से बच्ची की चीखें सुनकर एक युवक ने हिम्मत कर उसे उनके चंगुल से छुड़ाया। गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल भर्ती कराया गया जहां उसे 35 टांके लगाए गए हैं।
रविवार रात करीब आठ बजे घर के बाहर से आइसक्रीम लेकर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में खड़े कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के भाैंकने और बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते लगातार हमला करते रहे। इसी बीच एक युवक ने हिम्मत करके कुत्तों को भगाते हुए बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्ची के चेहरे पर गहरे घाव हो गए। परिजनों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने बच्ची को 35 टांके लगाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गली में यह घटना हुई, वहां एक मीट की दुकान होने के कारण अक्सर कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। गली और दुकान के आसपास बड़ी संख्या में कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
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बता दें कि इससे पहले भी जिले में कुत्ते जानलेवा साबित हो चुके हैं। गत 18 फरवरी को देवबंद में कुत्तों ने अरशी जहां और उसके भाई अरहम समेत तीन लोगों पर हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। अरशी को आंख के पास दस टांके तथा अरहम के लहूलुहान चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े थे। पिछले साल फरवरी में रामपुर मनिहारान के इस्लामनगर में लकड़ी बीनने गए नौ साल के पुरुषोत्तम को कुत्तों के झुंड ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
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रविवार रात करीब आठ बजे घर के बाहर से आइसक्रीम लेकर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में खड़े कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के भाैंकने और बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ते लगातार हमला करते रहे। इसी बीच एक युवक ने हिम्मत करके कुत्तों को भगाते हुए बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्ची के चेहरे पर गहरे घाव हो गए। परिजनों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने बच्ची को 35 टांके लगाए।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गली में यह घटना हुई, वहां एक मीट की दुकान होने के कारण अक्सर कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। गली और दुकान के आसपास बड़ी संख्या में कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
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बता दें कि इससे पहले भी जिले में कुत्ते जानलेवा साबित हो चुके हैं। गत 18 फरवरी को देवबंद में कुत्तों ने अरशी जहां और उसके भाई अरहम समेत तीन लोगों पर हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। अरशी को आंख के पास दस टांके तथा अरहम के लहूलुहान चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े थे। पिछले साल फरवरी में रामपुर मनिहारान के इस्लामनगर में लकड़ी बीनने गए नौ साल के पुरुषोत्तम को कुत्तों के झुंड ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।