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Saharanpur News: 6.8 करोड़ वर्ष पुराने हो सकते हैं अंडों के जीवाश्म
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सहारनपुर। शिवालिक की तलहटी से एक नहीं, बल्कि तीन अंडों के जीवाश्म मिले हैं। खोजकर्ता डॉ. उमर सैफ द्वारा की गई रिसर्च पेपर्स की स्टडी और प्रजाति से मिलान के बाद उन्होंने यह अंडे 6.8 करोड़ वर्ष पुराने माने हैं। उन्होंने अंडों की कार्बन डेटिंग के लिए राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया है।
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि उन्होंने अंडे मिलने के बाद दुनियाभर के रिसर्च पेपर को स्टडी किया है। इन अंडों से मेल खाते अंडों के बारे में पढ़ा, जो 6.8 वर्ष से अधिक पुराने बताए गए हैं। इससे पूर्व दुनिया में जो भी अंडे मिले हैं वह सात से नौ करोड़ वर्ष तक पुराने हैं। उन्होंने बताया कि डायनासोर करीब 20 करोड़ वर्ष पहले पैदा हुए और 6.8 करोड़ वर्ष पहले समाप्त हो गए। ऐसे में डायनासोर का कोई भी अंडा 6.8 करोड़ वर्ष से कम पुराना तो नहीं है। फिर भी उन्होंने राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला को मेल भेजकर अंडों की कार्बन डेटिंग के लिए आमंत्रित किया है, जिससे अंडों की वास्तविक उम्र का पता लगाया जा सके।
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जीवाश्म का भंडार होने की उम्मीद
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि अंडों के अलावा भी उनके पास कई जीवाश्म हैं, जो शिवालिक की तलहटी से प्राप्त हुए हैं। उनका दावा है कि शिवालिक की तलहटी जीवाश्म का बड़ा स्थल है। सरकार को इसे अपनी खोज का केंद्र बनाना चाहिए। यहां से अन्य जीवाश्म भी मिलने की पूरी उम्मीद है।
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सहारनपुर। शिवालिक की तलहटी से एक नहीं, बल्कि तीन अंडों के जीवाश्म मिले हैं। खोजकर्ता डॉ. उमर सैफ द्वारा की गई रिसर्च पेपर्स की स्टडी और प्रजाति से मिलान के बाद उन्होंने यह अंडे 6.8 करोड़ वर्ष पुराने माने हैं। उन्होंने अंडों की कार्बन डेटिंग के लिए राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया है।
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि उन्होंने अंडे मिलने के बाद दुनियाभर के रिसर्च पेपर को स्टडी किया है। इन अंडों से मेल खाते अंडों के बारे में पढ़ा, जो 6.8 वर्ष से अधिक पुराने बताए गए हैं। इससे पूर्व दुनिया में जो भी अंडे मिले हैं वह सात से नौ करोड़ वर्ष तक पुराने हैं। उन्होंने बताया कि डायनासोर करीब 20 करोड़ वर्ष पहले पैदा हुए और 6.8 करोड़ वर्ष पहले समाप्त हो गए। ऐसे में डायनासोर का कोई भी अंडा 6.8 करोड़ वर्ष से कम पुराना तो नहीं है। फिर भी उन्होंने राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला को मेल भेजकर अंडों की कार्बन डेटिंग के लिए आमंत्रित किया है, जिससे अंडों की वास्तविक उम्र का पता लगाया जा सके।
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जीवाश्म का भंडार होने की उम्मीद
डॉ. उमर सैफ ने बताया कि अंडों के अलावा भी उनके पास कई जीवाश्म हैं, जो शिवालिक की तलहटी से प्राप्त हुए हैं। उनका दावा है कि शिवालिक की तलहटी जीवाश्म का बड़ा स्थल है। सरकार को इसे अपनी खोज का केंद्र बनाना चाहिए। यहां से अन्य जीवाश्म भी मिलने की पूरी उम्मीद है।
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