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Saharanpur News: छप्पर में लगी आग, 50 हजार की नकदी सहित गृहस्थी का सामान नष्ट
Wed, 08 Apr 2026 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:23 AM IST
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मुजफ्फराबाद। गांव सबरीपुर फक्करपुर में सोमवार देर शाम मजदूर सोनू के छप्पर से बने घर में बच्चों के चाय बनाते वक्त आग लग गई। जब तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाता तब तक अंदर रखी पचास हजार की नगदी, कपड़े, फर्नीचर, बिस्तर, बर्तन सहित गृहस्थी का सारा सामान जल गया। दो पशु भी झुलस गए।
गांव सबरीपुर फक्करपुर निवासी सोनू कुमार पेंट का काम करता है। वह इसकी मजदूरी करने के लिए देहरादून गया हुआ था जबकि उसकी पत्नी गेंहू कटाई की मजदूरी के लिए खेतों पर गई थी। इसी दौरान घर पर मौजूद उनके तीन छोटे बच्चों ने चाय बनाने के लिए चूल्हा जलाया। बताया जा रहा है कि चूल्हे से निकली चिंगारी ने छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर में रखा सभी सामान जल चुका था। छप्पर में बंधे दो पशुओं को किसी तरह ग्रामीणों ने बचा लिया हालांकि भी झुलस गए।
ग्रामीण तालिब ने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास स्थित मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद पीड़ित परिवार को काफी नुकसान हुआ है। आग लगने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। सोनू ने बताया कि उसने मकान बनाने के लिए पत्नी के माध्यम से पचास हजार रुपये समूह लोन लिया था। ईटें उसने मंगा रखी थी, लेकिन आग से कर्ज के रुपये तो जल ही गए तन पर ढकने के लिए कपड़ा तक नहीं बचा है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से पीड़ित की आर्थिक मदद और आवास योजना से मकान दिलाने की मांग की है।
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गांव सबरीपुर फक्करपुर निवासी सोनू कुमार पेंट का काम करता है। वह इसकी मजदूरी करने के लिए देहरादून गया हुआ था जबकि उसकी पत्नी गेंहू कटाई की मजदूरी के लिए खेतों पर गई थी। इसी दौरान घर पर मौजूद उनके तीन छोटे बच्चों ने चाय बनाने के लिए चूल्हा जलाया। बताया जा रहा है कि चूल्हे से निकली चिंगारी ने छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर में रखा सभी सामान जल चुका था। छप्पर में बंधे दो पशुओं को किसी तरह ग्रामीणों ने बचा लिया हालांकि भी झुलस गए।
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ग्रामीण तालिब ने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास स्थित मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद पीड़ित परिवार को काफी नुकसान हुआ है। आग लगने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। सोनू ने बताया कि उसने मकान बनाने के लिए पत्नी के माध्यम से पचास हजार रुपये समूह लोन लिया था। ईटें उसने मंगा रखी थी, लेकिन आग से कर्ज के रुपये तो जल ही गए तन पर ढकने के लिए कपड़ा तक नहीं बचा है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से पीड़ित की आर्थिक मदद और आवास योजना से मकान दिलाने की मांग की है।
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