सहारनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय निगरानी समिति के सदस्य भग्गूलाल बाल्मीकि ने अस्वच्छ पेशे से मुक्त कराए गए व्यक्तियों को एकमुश्त 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एक सप्ताह के भीतर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छकारों को हर स्थिति में एक वर्ष में दो बार वर्दी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्थायी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में असमानता को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में शहरी क्षेत्रों में अस्वच्छ पेशे में कार्यरत लोगों के संबंध में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें। उन्होंने कहा कि सभी स्वच्छकारों को शासनादेश के अनुसार ही वेतन दिया जाए। किसी भी संविदा या आउट सोर्सिंग कर्मचारी को बजट के अभाव में नौकरी से न निकाला जाए। सभी स्वच्छकारों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएं। समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जनपद में अस्वच्छकार पेशे को छोड़ने वाले लोगों के 6000 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। प्राप्त आवेदन पत्रों में से 5749 की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। ऐसे सभी लाभार्थियों को चिह्नित कर एकमुश्त धनराशि का भुगतान किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने भी सेफ्टी टैंक एवं सीवर के कार्य से जुड़े सफाईकर्मियों की स्थिति और संबंधित सफाई कर्मियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान में नगरायुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ए के त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी आनंद कुमार, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी आदि मौजूद रहे।