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फाइनेंस कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:49 AM IST
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हंगामा करती महिलाएं।
- फोटो : hangama
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सहारनपुर में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ शेखपुरा कदीम की महिलाओं का आंदोलन जारी है। मंगलवार को फिर से कलक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की। डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कंपनी के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
डीएम के व्यस्त होने की वजह से सभी महिलाएं सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर के दफ्तर पहुंचीं। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट का घेराव करते हुए कंपनी के अधिकारियों पर आरोप लगाए।
बताया कि वह सभी गरीब परिवारों से हैं, जिन्होंने अपने काम के लिए कंपनी से 30 और 40 हजार रुपये फाइनेंस पर लिए हुए हैं। बताया कि वह ज्यादातर किस्त अदा कर चुकी हैं। अब नोट बंदी की वजह से रुपये हाथ में नहीं हैं।
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आरोप है कि कंपनी के एजेंट उन्हें घर पर आकर परेशान कर रहे हैं। जेल भेजने की चेतावनी दे रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने महिलाओं को लिखित शिकायत मांगी। घेराव करने वालों में नसीमा, सईदा, आमना, शहनाज, सायरा बानो, रुखसार, शबाना, शबनम, निन्नी, खुर्शीदा आदि रही।
ऋण माफ कराने तहसील पहुंचीं महिलाएं ःबेहट। लिमिटेड फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को दिए गए समूह ऋण की किस्तों में 500-1000 के पुराने नोट नहीं लिए जाने से परेशान क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने मंगलवार को तहसील घेर ली।
उन्होंने एसडीएम से किस्तों में बंद किए गए नोटों को जमा कराने या फिर ऋण माफ कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस स्थिति में किस्त नहीं चुका पाएगी।
इस पर एसडीएम ने महिलाओं को किस्त जमा कराने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय देने के लिए कंपनी अधिकारियों को निर्देश दिए। बता दें कि क्षेत्र में कई लिमिटेड फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को समूह ऋण दिए गए है।
नोटबंदी के बाद से महिलाओं के सामने किस्त देने में परेशानी आ रही है। कंपनी के कर्मचारी किस्त में 500-1000 के पुराने नोट नहीं ले रहे हैं। महिलाओं ने एसडीएम से मांग की कि कंपनियों को पुराने नोट लिए जाने के निर्देश दिए जाए, या फिर उनके ऋणों को माफ कराया जाए। महिलाओं के साथ सपा नेता टीपू सुल्तान भी मौजूद रहे।
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डीएम के व्यस्त होने की वजह से सभी महिलाएं सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर के दफ्तर पहुंचीं। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट का घेराव करते हुए कंपनी के अधिकारियों पर आरोप लगाए।
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बताया कि वह सभी गरीब परिवारों से हैं, जिन्होंने अपने काम के लिए कंपनी से 30 और 40 हजार रुपये फाइनेंस पर लिए हुए हैं। बताया कि वह ज्यादातर किस्त अदा कर चुकी हैं। अब नोट बंदी की वजह से रुपये हाथ में नहीं हैं।
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आरोप है कि कंपनी के एजेंट उन्हें घर पर आकर परेशान कर रहे हैं। जेल भेजने की चेतावनी दे रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने महिलाओं को लिखित शिकायत मांगी। घेराव करने वालों में नसीमा, सईदा, आमना, शहनाज, सायरा बानो, रुखसार, शबाना, शबनम, निन्नी, खुर्शीदा आदि रही।
ऋण माफ कराने तहसील पहुंचीं महिलाएं ःबेहट। लिमिटेड फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को दिए गए समूह ऋण की किस्तों में 500-1000 के पुराने नोट नहीं लिए जाने से परेशान क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने मंगलवार को तहसील घेर ली।
उन्होंने एसडीएम से किस्तों में बंद किए गए नोटों को जमा कराने या फिर ऋण माफ कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस स्थिति में किस्त नहीं चुका पाएगी।
इस पर एसडीएम ने महिलाओं को किस्त जमा कराने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय देने के लिए कंपनी अधिकारियों को निर्देश दिए। बता दें कि क्षेत्र में कई लिमिटेड फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं को समूह ऋण दिए गए है।
नोटबंदी के बाद से महिलाओं के सामने किस्त देने में परेशानी आ रही है। कंपनी के कर्मचारी किस्त में 500-1000 के पुराने नोट नहीं ले रहे हैं। महिलाओं ने एसडीएम से मांग की कि कंपनियों को पुराने नोट लिए जाने के निर्देश दिए जाए, या फिर उनके ऋणों को माफ कराया जाए। महिलाओं के साथ सपा नेता टीपू सुल्तान भी मौजूद रहे।