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इकलौते बेटे की घर वापसी पर उत्सव का माहौल
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गंगोह में जैद का स्वागत करते परिजन
- फोटो : SAHARANPUR
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गांव घाटहेड़ा निवासी देवेंद्र सिंह के इकलौते बेटे अजय के यूक्रेन से वापसी पर परिवार में उत्सव का माहौल है। लवीव से एमबीबीएस कर रहा अजय युद्ध शुरू होने के बाद पहले पोलेंड गया लेकिन वहां ज्यादा भीड़ थी। इसके बाद वह साथियों सहित हंगरी बार्डर पहुंचा। जहां से हंगरी की सीमा में पहुंच वहां के एयरपोर्ट से हवाई जहाज के माध्यम से शनिवार देर रात दिल्ली पहुंचा। रविवार को घर पहुंचा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसके पिता देवेंद्र सिंह, संदीप चौधरी, रामफल सिंह, चरण सिंह, अशोक कुमार, कल्लू सिंह, कुलबीर सिंह, धर्मवीर आदि परिजनों ने भारत सरकार का आभार जताया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने जानी पीयूष की कुशल क्षेम
भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी ने दो दिन पूर्व यूक्रेन में लौटे पीयूष राणा के बड़गांव स्थित घर पहुंच उसकी कुशल क्षेम जानी। पीयूष ने जिलाध्यक्ष को बताया कि कम समय में भी सरकार ने वो करके दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी। पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह जुड्डा, अनिरुद्ध त्यागी, ऋषिपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रदीप राणा आदि रहे।
बीस किमी चलना पड़ा पैदल, तबीयत हुई खराब
गंगोह। यूक्रेन के बुको चेर्नोवस्टी विनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे नगर के मोहल्ला मख्दूमजहां निवासी मोहम्मद जैद कुद्दुसी पुत्र वकील कुद्दुसी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद उसने हास्टल छोड़ दिया था। पांच दिन तक वह रिहायशी इलाकों में बने बंकर में रहा। हमले तेज होने पर वह दो मार्च को बस से रोमानिया बार्डर के लिए चला लेकिन बस ने बीस किमी पहले ही उतार दिया था। ऐसे में वह अपने साथियों के साथ माइनस छह डिग्री तापमान में बीस किमी पैदल चल कर रोमानिया बार्डर के पार पहुंचा। इस दौरान वह बीमार हो गया। बीमार होने के कारण ही वह गत शुक्रवार को गाजियाबाद पहुंचने के बाद भी अपने घर नहीं आया। उपचार के बाद आराम मिलने पर जैद रविवार को घर पहुंचा। जैद ने भारत सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयास से ही वह सकुशल भारत आ सका है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष ने जानी पीयूष की कुशल क्षेम
भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी ने दो दिन पूर्व यूक्रेन में लौटे पीयूष राणा के बड़गांव स्थित घर पहुंच उसकी कुशल क्षेम जानी। पीयूष ने जिलाध्यक्ष को बताया कि कम समय में भी सरकार ने वो करके दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी। पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह जुड्डा, अनिरुद्ध त्यागी, ऋषिपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रदीप राणा आदि रहे।
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बीस किमी चलना पड़ा पैदल, तबीयत हुई खराब
गंगोह। यूक्रेन के बुको चेर्नोवस्टी विनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे नगर के मोहल्ला मख्दूमजहां निवासी मोहम्मद जैद कुद्दुसी पुत्र वकील कुद्दुसी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद उसने हास्टल छोड़ दिया था। पांच दिन तक वह रिहायशी इलाकों में बने बंकर में रहा। हमले तेज होने पर वह दो मार्च को बस से रोमानिया बार्डर के लिए चला लेकिन बस ने बीस किमी पहले ही उतार दिया था। ऐसे में वह अपने साथियों के साथ माइनस छह डिग्री तापमान में बीस किमी पैदल चल कर रोमानिया बार्डर के पार पहुंचा। इस दौरान वह बीमार हो गया। बीमार होने के कारण ही वह गत शुक्रवार को गाजियाबाद पहुंचने के बाद भी अपने घर नहीं आया। उपचार के बाद आराम मिलने पर जैद रविवार को घर पहुंचा। जैद ने भारत सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रयास से ही वह सकुशल भारत आ सका है।

गांव घाटहेडा में घर वापसी पर अजय को दुलारते परिजन- फोटो : SAHARANPUR
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