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Saharanpur News: खूंखार कुत्ते डेढ़ साल में खा गए 49.62 लाख रुपये का बजट

Wed, 16 Sep 2026 01:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:07 AM IST
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Ferocious dogs devoured a budget of 49.62 lakh in a year and a half.
सहारनपुर। जिले में सड़कों और गली-मोहल्ले में घूम रहे खूंखार कुत्ते डेढ़ साल में स्वास्थ्य विभाग का करीब 49.62 लाख रुपये का बजट खा गए। डेढ़ साल में करीब 1,08,612 लोगों पर 27,153 वायल (शीशी) की खपत हुई है। कुत्ते काटने पर पीड़ित को एंटी रेबीज वैक्सीन की चार डोज लगाई जाती है। गंभीर घायलों को एंटी रेबीज सीरम लगता है।
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गली-मोहल्ले तक बच्चे और बड़े सुरक्षित नहीं हैं। रात के समय बाइक या फिर अन्य वाहन पर जाते हैं तो गली-मोहल्ले में कुत्ते पीछे भागते हैं। कुत्तों का झुंड सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार बनाता है। छह सितंबर को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मदनपुरा में चिलकाना के गांव दभेड़ा कला निवासी आठ वर्षीय अजीम को कुत्तों ने झुंड ने नोच-नोचकर मार डाला था। कुत्ते काटने की घटनाएं बढ़ने से सरकारी अस्पतालों में एआरवी की खपत भी लगातार बढ़ रही है।
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-- ऐसे समझें गणित



विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक एसबीडी जिला अस्पताल में एआरवी की 12,233 शीशी खपत हुई। इन शीशी से करीब 48,932 लोगों का टीकाकरण हुआ। अप्रैल 2026 से अब तक 5560 शीशी लग चुकी है। सरकारी दर से एक शीशी की कीमत 176 रुपये में आती है। गंभीर घायलों पर एक अप्रैल 2025 से अब तक 556 एंटी रेबीज सीरम की शीशी लगी है। इसकी एक शीशी की कीमत 330 रुपये है।
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इसके अलावा जिले के 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक महीने में 30 से 40 शीशी की खपत है, जबकि चार ऐसी सीएचसी हैं, जिन पर प्रति महीने करीब 20 शीशी की खपत रहती है। इस हिसाब से एसबीडी जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन और सीरम पर करीब 33,15,048 रुपये का बजट खर्च हुआ, जबकि सीएचसी पर करीब 16,47,360 रुपये का बजट कुत्ते खा गए।

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-- नसबंदी और एंटी रेबीज अभियान पर 4.12 करोड़ खर्च



नगर निगम बीते करीब पांच साल से कुत्तों की नसबंदी कर रहा है। अभी तक कुल 27 हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। नसबंदी के साथ ही निगम एंटी रेबीज इंजेक्शन भी कुत्तों को लगाता है। इन दोनों का खर्च 1100 रुपये प्रत्येक कुत्ता बैठता है। इस लिहाज से 27 हजार कुत्तों पर नगर निगम अभी तक दो करोड़ 97 लाख रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा नगर निगम शहर को रेबीज फ्री सिटी बनाने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए 36 हजार कुत्तों को इंजेक्शन लगाया जा चुका है। प्रत्येक कुत्ते के वैक्सीनेशन का खर्च 320 रुपये है। इस हिसाब से 36 हजार कुत्तों के वैक्सीनेशन पर कुल एक करोड़ 15 लाख 20 हजार रुपये खर्चे गए हैं। इस प्रकार दोनों पर चार करोड़, 12 लाख 20 हजार रुपये अभी तक खर्चे गए हैं।

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-- निजी अस्पतालों में कई गुना महंगी



कुत्ते काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों में निशुल्क लगता है, जबकि निजी अस्पतालों में एआरवी की अलग-अलग फीस निर्धारित की गई है। निजी अस्पतालों में पूरी शीशी लगाई जाती है, जो 250 से 300 रुपये में लगती है। चार डोज के हिसाब से 1000 से 1200 रुपये लगते हैं।


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जिला अस्पताल में कुत्ते काटने का एंटी रेबीज इंजेक्शन निशुल्क लगता है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। उसी हिसाब से एआरवी की खपत भी बढ़ रही है। एआरवी पर्याप्त मात्रा में है।



- डॉ. रवि प्रकाश, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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