{"_id":"61268fa68ebc3e264c1156c8","slug":"farmers-told-the-increase-of-five-rupees-on-frp-is-insufficient-saharanpur-news-mrt553336237","type":"story","status":"publish","title_hn":"एफआरपी पर पांच रुपये की वृद्धि किसानों ने बताया नाकाफी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफआरपी पर पांच रुपये की वृद्धि किसानों ने बताया नाकाफी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा गन्ने के फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (एफआरपी) में पांच रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी की है, जिसे जनपद के किसानों ने नाकाफी बताया है। सरकार ने गन्ने की एफआरपी 285 से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति क्विंटल की है। किसानों का कहना है कि प्रदेश में राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य ही किसानों को दिया जाता है। किसानों ने प्रदेश सरकार से गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 360 से 450 रुपये क्विंटल करने की मांग की।
पंजाब से कम गन्ना मूल्य स्वीकार्य नहीं
गन्ने की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ी हुए लागत को देखते हुए कम से कम 360 रुपये प्रति क्विंटल घोषित होना चाहिए। इससे कम गन्ना मूल्य स्वीकार्य नहीं होगा। -- चौ. विनय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू।
-------
400 रुपये क्विंटल हो गन्ना मूल्य
पिछले कई वर्षों से गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है। इसलिए प्रदेश सरकार को राज्य परामर्शी मूल्य 400 रुपये क्विंटल घोषित करना चाहिए। पेराई सत्र भी 15 अक्तूबर से शुरू कराया जाए।- श्यामवीर त्यागी, प्रांतीय संयोजक (गन्ना) भारतीय किसान संघ।
विज्ञापन
-------------
घाटे का सौदा बन गई गन्ने की खेती
लागत बढ़ने के चलते गन्ने की खेती घाटे का सौदा बन गई है। पिछले कई वर्षों से गन्ना मूल्य में भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। कम से कम 400 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य होना चाहिए।-- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव भाकियू अंबावत युवा इकाई।
------------
एफआरपी में वृद्धि नाकाफी
केंद्र सरकार ने गन्ने की एफआरपी में कम वृद्धि की है, लेकिन प्रदेश सरकार को कम से कम 450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए। इससे कम मूल्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। -- सुखवीर सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन।
विज्ञापन
पंजाब से कम गन्ना मूल्य स्वीकार्य नहीं
गन्ने की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ी हुए लागत को देखते हुए कम से कम 360 रुपये प्रति क्विंटल घोषित होना चाहिए। इससे कम गन्ना मूल्य स्वीकार्य नहीं होगा। -- चौ. विनय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू।
विज्ञापन
-------
400 रुपये क्विंटल हो गन्ना मूल्य
पिछले कई वर्षों से गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है। इसलिए प्रदेश सरकार को राज्य परामर्शी मूल्य 400 रुपये क्विंटल घोषित करना चाहिए। पेराई सत्र भी 15 अक्तूबर से शुरू कराया जाए।- श्यामवीर त्यागी, प्रांतीय संयोजक (गन्ना) भारतीय किसान संघ।
विज्ञापन
-------------
घाटे का सौदा बन गई गन्ने की खेती
लागत बढ़ने के चलते गन्ने की खेती घाटे का सौदा बन गई है। पिछले कई वर्षों से गन्ना मूल्य में भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। कम से कम 400 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य होना चाहिए।-- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव भाकियू अंबावत युवा इकाई।
------------
एफआरपी में वृद्धि नाकाफी
केंद्र सरकार ने गन्ने की एफआरपी में कम वृद्धि की है, लेकिन प्रदेश सरकार को कम से कम 450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए। इससे कम मूल्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। -- सुखवीर सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन।