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Saharanpur News: यूपी ग्रामीण बैंक बुढ़ाना पर किसानों का हंगामा, हेल्प डेस्क बनाई

Fri, 25 Sep 2026 01:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:58 AM IST
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Farmers create a ruckus at UP Gramin Bank, Budhana; help desk set up.
बुढ़ाना। यूपी ग्रामीण बैंक के सामने धरना प्रदर्शन करते भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ता। संवाद
बुढ़ाना(मुजफ्फरनगर)। यूपी ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा से ग्राहकों के करोड़ों रुपये का गबन हुआ है। गबन का दायरा बढ़ता जा रहा है। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने बैंक के सामने मुख्य सड़क पर प्रदर्शन कर धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय प्रबंधक यूसुफ खान ने कार्यकर्ताओं और ग्राहकों को समझाने का प्रयास किया। भरोसा दिया कि किसी का पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा। उधर, बैंक ने ठगी का शिकार ग्राहकों के लिए शाखा में अलग हेल्प डेस्क बनाई है।
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भाकियू के करीब एक दर्जन कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष ठाकुर कुशल वीर सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को यूपी ग्रामीण बैंक के सामने पहुंचे तथा प्रदर्शन करते हुए दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों और गरीबों के खाते से करोड़ों रुपये का गबन हुआ है।
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आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व शाखा प्रबंधक रूपक राणा ने किसान, मजदूर व गरीबों के खाते से बिना ओटीपी व अनुमति से बिना अवैध रूप से पैसे निकाले हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व गबन के मामले में एफआईआर होनी चाहिए।
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मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। क्षेत्रीय प्रबंधक यूसुफ खान व उप क्षेत्रीय प्रबंधक नवदीप सिंह किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि बैंक में हुए घपले की जांच की जा रही है। ग्राहकों का पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि ग्राहकों की बैंक संबंधी समस्या का समाधान किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए तथा धरना समाप्त हुआ। इस मौके पर मनोज सैनी, हरिओम, प्रवीण पंवार, अमित कुशवाहा, रामनिवास पुंडीर व रामनिवास राणा आदि सहित दर्जनों कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि हेल्प डेस्क ने काम शुरू कर दिया है। पीड़ितों की ओर से नए प्रार्थनपत्र भी दिए गए हैं।
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- 19 सितंबर : बैंक में नए प्रबंधक के पहुंचने पर ग्राहक अपनी पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे तो खातों से रुपये गायब मिले। एक के बाद एक 25 शिकायतों के बाद क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने जांच शुरू की। ग्राहकों के बीच नाराजगी।
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- 20 सितंबर : क्षेत्रीय कार्यालय की पांच सदस्यीय टीम ने जांच तेज की। शिकायतें सही पाए जाने पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने पुलिस-प्रशासन से बैंक पर सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग रखी। ग्राहकों के बीच रोष और असंतोष का माहौल।
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- 21 सितंबर : सोमवार को बैंक खुलते ही बुढ़ाना शाखा पर हंगामा। ग्राहक बैंक शाखा में भी घुस गए। पास बुक में एंट्री कराने वालों की भीड़ रही। दो सौ शिकायतें अधिकारियों से की गई। बैंक पर पुलिस की सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।
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- 22 सितंबर : मंगलवार को ग्राहकों को धरना जारी रहा। बुढ़ाना कोतवाली में तहरीर दी गई। शुरुआत में 90 लाख रुपये के हेरफेर की जानकारी दी गई। एसएसपी संजय वर्मा ने सीओ बुढ़ाना को मामले की जांच के निर्देश दिए।
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- 23 सितंबर : बैंक में लेन-देन शुरू। ग्राहकों को धनराशि लौटाने का आश्वासन मिला। मामले में धनराशि तीन करोड़ रुपये ऊपर पहुंच जाने के कारण अब प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने की तैयारी चल रही है।
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- 24 सितंबर : भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने बैंक के सामने हंगामा किया। ग्राहक भी धरने में शामिल हुए। लोगों ने कहा कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जानी चाहिए। ग्राहकों के विश्वास को छला गया है।

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ये था मामला
बैंक ऑफ बड़ौदा से संबद्ध ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा में प्रबंधक रहे बागपत के दाहा गांव निवासी रूपक राणा का तबादला होने के बाद नए शाखा प्रबंधक विभव कुमार के सामने शनिवार को खातों से रुपये निकालने की शिकायत की गई थी। शिकायतें बढ़ने पर क्षेत्रीय कार्यालय की पांच सदस्यीय टीम ने जांच की। गड़बड़ी मिलने के बाद शाखा में तैनात मैनेजर रूपक राणा, सहायक प्रबंधक नेहा, कैशियर गौरव, क्लर्क बाबू के निलंबित कर दिया गया है। शुरुआत में पुलिस को 90 लाख रुपये की हेराफेरी मिली। अब यह धनराशि 5.15 करोड़ तक पहुंच गई है। इस मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा से कराई जाएगी।
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