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Saharanpur News: तीसरे दिन भी धान के ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे किसान, हरियाणा में नहीं मिला प्रवेश

Fri, 24 Oct 2025 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 24 Oct 2025 12:05 AM IST
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Farmers arrived with tractor-trolleys of paddy on the third day as well, but were denied entry into Haryana.
हथिनीकुंड चौकी पर अपनी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को लिए खड़े किसान। संवाद - फोटो : साकेतवासी महंत की अंतिम शोभायात्रा में शामिल संत-महंत।
मिर्जापुर(सहारनपुर)। हथिनीकुंड बैराज हरियाणा बॉर्डर पर बृहस्पतिवार को भी किसान धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर पूरा दिन खड़े रहे, लेकिन उन्हें हरियाणा में प्रवेश नहीं दिया गया। पिछले तीन दिन से यह गतिरोध चल रहा है।
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बता दें, कि यूपी के किसान धान की फसल का हरियाणा में अच्छा भाव मिलने के कारण वहां की खिदराबाद मंडी में हर वर्ष बेचने के लिए जाते हैं। मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने बार्डर पर यूपी के किसानों की धान की ट्रैक्टर-ट्राॅलियों को रोक दिया था। इस पर भाकियू (लोकशक्ति) कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए हथिनीकुंड चौकी पर धरना दिया था। मामला बिगड़ने पर एसडीएम बेहट मानवेंद्र सिंह ने हरियाणा के अधिकारियों से बातचीत करके सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मंडी में जाने के लिए प्रवेश दिला दिया था।
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एसडीएम ने उस समय अगले तीन में इस मामले का हल निकलवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन अभी तक इसमें कोई राहत नहीं मिल सकी है। बृहस्पतिवार दोपहर फिर से किसानों की धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार हरियाणा बॉर्डर की हथिनीकुंड चौकी पर लग गई। वहां की पुलिस इन्हें हरियाणा में प्रवेश नहीं करने दे रही है। देर शाम तक भी किसान हरियाणा में प्रवेश करने की आस लिए मौके पर डटे थे, लेकिन उनको सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल पाई थी।
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-गांव हरिपुर निवासी किसान रणबीर का कहना है कि हरियाणा में रेट भी ज्यादा हैं और भुगतान भी नकद मिलता है। इसके साथ ही धान की फसल के रुपये भी पेशगी में मिलने की सुविधा है।

-गांव जीवाला के किसान रमजान का कहना है हरियाणा मंडी में धान की फसल ले जाने पर काफी सुविधा मिलती है। यदि धान गीला होता है तो वह थोड़ी देर में सुखाकर सफाई करके भुगतान दे देते हैं।

-गांव अमादपुर निवासी फरमान चौधरी का कहना है कि धान तुलाई सेंटर हमारे यहां पर कमालपुर, बरौली और रसूलपुर में है, लेकिन वहां पर सुविधाओं की कमी है।
-गांव देवला निवासी नदीम का कहना है कि सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। किसान अपनी फसल कहीं भी जाकर बेच सकता है।
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हरियाणा के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। समस्या के स्थायी समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
- मानवेंद्र सिंह, एसडीएम बेहट
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