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एक सप्ताह तक बंदियों से मुलाकात नहीं कर पाएंगे परिजन

Sat, 21 Mar 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2020 12:18 AM IST
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Family will not be able to meet the prisoners for a week
जिला कारागार के अस्पताल का निरीक्षण करते डीआईजी जेल लव कुमार - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। डीआईजी जेल लव कुमार ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कोरोना वायरस के मद्देनजर जेल अस्पताल में बंदियों की हालत देखने के साथ ही बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल के अफसरों को निर्देश दिए कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, बीमार और महिला बंदियों की विशेष निगरानी की जाए। इसके साथ ही कोरोना वायरस के मद्देनजर ही एक सप्ताह यानी 27 मार्च तक बंदियों के परिजनों की मुलाकात व्यवस्था पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
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कारागार के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने सबसे पहले यहां के अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां जेल के अफसरों ने बताया कि कोरोना के लक्षणों वाले मरीज यहां नहीं हैं। खांसी, जुकाम जैसे सामान्य रोगी हैं। यहां मिले अधिकतर बंदी मास्क लगाए हुए मिले। डीआईजी ने कहा कि यदि कोरोना वायरस के लक्षणों के साथ कोई संदिग्ध मिले तो उसकी समय से सूचना देकर उपचार दिलाया जाए। इसके साथ ही मास्क, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था की जाए। जेल के चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ भी मास्क लगाए हुए था। हालांकि खुद डीआईजी बिना मास्क ही निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा कि जेल में बंदियों के स्वास्थ्य के साथ ही उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
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350 से अधिक बंदियों की होगी विशेष निगरानी
- जिला कारागार में 1670 बंदी हैं। इनमें 350 से अधिक बंदियों की विशेष निगरानी की जाएगी। ये ऐसे बंदी हैं जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी पहले से रही हैं। इसलिए इन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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मां के साथ रहने वाले बच्चों की शिक्षा पर दिया जाएगा ध्यान
- इस दौरान डीआईजी ने जेल अफसरों से कहा कि मां के साथ रहने वाले बच्चों को भी स्कूल भेजने की बेहतर व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ रहने वाले बच्चों का कोई दोष नहीं होता है। इसलिए ऐसे बच्चों को चिह्नित कर यह कदम उठाया जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने भी पहले लगाया था कैंप
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला कारागार में फरवरी माह में क्षय रोगी खोज अभियान के तहत कैंप लगाया गया था। इसमें 1628 बंदियों का चिकित्सीय परीक्षण किया गया था। इनमें से 112 बंदियों में क्षय रोग जैसे लक्षण मिले थे। इस टीम में शामिल रहे डॉ. एमपी सिंह चावला के मुताबिक परीक्षण में किसी बंदी को टीबी नहीं मिली है।

जिला कारागार का निरीक्षण करते डीआईजी जेल लव कुमार

जिला कारागार का निरीक्षण करते डीआईजी जेल लव कुमार- फोटो : SAHARANPUR

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