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निर्यातक और किसान तय करेंगे बासमती धान के दाम

Sat, 11 Sep 2021 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:39 PM IST
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Exporters and farmers will decide the price of Basmati paddy
सहारनपुर। किसानों को बासमती धान का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक बासमती धान के किसानों और निर्यातकों के बीच बैठक करा रहे हैं। अभी तक छह बार वर्चुअल बैठकें हो चुकी हैं। इसके अलावा मंडी विपणन विभाग की ओर से भी जिले के एफपीओ से जुडे़ किसानों की ऑनलाइन बैठक जॉर्डन, कतर और इजिप्ट आदि देशों के ग्राहकों के साथ हो चुकी हैं।
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किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए मोटे एवं सामान्य किस्म के धान की सरकारी खरीद होती हैं। जबकि बासमती धान को किसान मंडियों में बेचते हैं। जिले में करीब 60 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की खेती होती है। इसमें से लगभग 48 हजार हेक्टेयर में बासमती धान है। किसानों को बासमती धान का उचित मूल्य दिलाने की कवायद के तहत निर्यातकों और किसानों के बीच ऑनलाइन बैठकें कराई जा रही हैं। निर्यातक विभिन्न मंडियों में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से बासमती धान की खरीद कराते हैं। जिसे प्रोसेस कर वे उच्च गुणवत्ता के बासमती चावल का निर्यात करते हैं। यहां हरियाणा और पंजाब के निर्यातक बासमती धान की खरीद करते हैं।
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किसानों को बासमती धान का बढ़िया भाव दिलाने के लिए निर्यातकों के साथ ऑनलाइन बैठकें कराई जा रही हैं। फारमर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन से जुडे़ किसानों की निर्यातकों के साथ अब तक छह बैठक हो चुकी हैं। इस कवायद का उद्देश्य किसानों को बासमती धान का बढ़िया मूल्य दिलाना है। - डॉ. आईके कुशवाहा, प्रभारी केवीके
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विदेशी ग्राहकों से कराया वर्चुअल संवाद
बासमती चावल सहित अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तीन देशों के ग्राहकों के साथ किसानों की वर्चुअल बॉयर सेलर मीट कराई जा चुकी है। इनमें 17 फरवरी को कतर, 15 जून को इजिप्ट और 27 जुलाई को जॉर्डन के ग्राहकों से एफपीओ से जुडे़ किसानों की ऑनलाइन बैठक कराई गई है। इसमें बासमती चावल के साथ ही ताजे फल, सब्जियां, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, ऑर्गेनिक और पशु उत्पाद भी शामिल हैं। इसके अलावा एफपीओ से जुडे़ किसानों की आठ मार्च से 18 मार्च तक निर्यात कैसे करें विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला भी कराई गई है।
- सुनील सोम, ज्येष्ठ मंडी विपणन निरीक्षक
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