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एंबुलेंस का चक्का जाम कर धरने पर रहे कर्मचारी
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दिल्ली रोड़ पर हड़ताल कर धरना प्रदर्शन करते सरकारी एंबुलेंस चालक
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। 102, 108 और एएलएस एंबुलेंस चालकों और स्टाफ ने सोमवार को एंबुलेंस का चक्का जाम कर दिल्ली रोड पर धरना दिया। सुबह से शाम तक एंबुलेंस के एक ही स्थान पर खड़े रहने से मरीजों को खासी परेशानी रही। मांग नहीं माने जाने पर आगामी दिनों में सभी एंबुलेंस का चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
सोमवार के धरने के दौरान दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस अस्पताल की जगह दिल्ली रोड स्थित धरना स्थल पर खड़ी नजर आईं, जो सुबह से शाम तक वहीं रही। धरनारत चालकों ने बताया कि एंबुलेंस का ठेका पहले जेवीकेएमआरआई कंपनी पर था, जो अब नई कंपनी को दे दिया गया है। नई कंपनी चालकों और स्टाफ का समायोजन नहीं कर रही है। यदि ऐसा होता है तो वह बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे परिवारों पर संकट होगा। चेतावनी दी कि यदि समय रहते कंपनी ने उनका समायोजन नहीं किया तो आगामी दिनों में सभी एंबुलेंस का चक्का जाम करेंगे, जिसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। धरने को समर्थन देने के लिए सांसद पुत्र मोनिस रजा और सपा नेता अब्दुल गफूर भी पहुंचे थे।
यह है एंबुलेंस चालकों की प्रमुख मांग
-एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर न बदला जाए।
-कोरोना काल में कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की सहायता दी जाए।
-एंबुलेंस के सभी कर्मचारियों को यथास्थिति नौकरी पर रखा जाए आदि।
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सोमवार के धरने के दौरान दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस अस्पताल की जगह दिल्ली रोड स्थित धरना स्थल पर खड़ी नजर आईं, जो सुबह से शाम तक वहीं रही। धरनारत चालकों ने बताया कि एंबुलेंस का ठेका पहले जेवीकेएमआरआई कंपनी पर था, जो अब नई कंपनी को दे दिया गया है। नई कंपनी चालकों और स्टाफ का समायोजन नहीं कर रही है। यदि ऐसा होता है तो वह बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे परिवारों पर संकट होगा। चेतावनी दी कि यदि समय रहते कंपनी ने उनका समायोजन नहीं किया तो आगामी दिनों में सभी एंबुलेंस का चक्का जाम करेंगे, जिसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। धरने को समर्थन देने के लिए सांसद पुत्र मोनिस रजा और सपा नेता अब्दुल गफूर भी पहुंचे थे।
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यह है एंबुलेंस चालकों की प्रमुख मांग
-एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर न बदला जाए।
-कोरोना काल में कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की सहायता दी जाए।
-एंबुलेंस के सभी कर्मचारियों को यथास्थिति नौकरी पर रखा जाए आदि।