{"_id":"6adface8cddb272a2606ff7d","slug":"emphasis-placed-on-improving-the-education-system-in-madrasas-saharanpur-news-c-30-1-smrt1024-186732-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर दिया जोर
विज्ञापन
देवबंद। दारुल उलूम में कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया और संस्था की मजलिस-ए-आमला (कार्यकारिणी समिति) की बैठक में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, सरकारी नियमों के अनुसार अभिलेख दुरुस्त रखने और मौजूदा परिस्थितियों का मिलकर मुकाबला करने पर जोर दिया गया। बैठक में मदरसों के शैक्षिक और प्रशासनिक मामलों की समीक्षा के साथ आपसी एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया गया।
दारुल उलूम के मेहमानखाने में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि मदरसों की जिम्मेदारी केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की बेहतर तरबियत और संस्थानों की व्यवस्था को मजबूत बनाना भी जरूरी है। मदरसों को अपने अभिलेख दुरुस्त रखने, सरकारी नियमों का पालन करने और शैक्षिक गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर ध्यान देना चाहिए।
राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश के मुसलमानों और उनके धार्मिक संस्थानों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आपसी एकता, धैर्य और सकारात्मक प्रयासों के साथ परिस्थितियों का मुकाबला करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राब्ता मदारिस की स्थापना का उद्देश्य मदरसों को संगठित करना, उनकी शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना है। बैठक में मदरसों की कार्यप्रणाली और विभिन्न प्रांतों में उनके कामकाज से संबंधित रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इस दौरान देशभर से आए उलमा और जिम्मेदार पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन
-कुलहिंद राब्ता मदारिस की आज होगी आमसभा, जुटने लगे उलमा
देवबंद। दारुल उलूम में कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया के जलसे को लेकर सभी तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं। देश के कोने-कोने से प्रमुख उलमा देवबंद पहुंचने लगे हैं। कुलहिंद राब्ता मदारिस से देश के करीब पांच हजार मदरसे जुड़े हुए हैं। वर्तमान परिस्थितियों और संस्थाओं में बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाने को लेकर मंगलवार (आज) मस्जिद रशीदिया में आम सभा होगी।
विज्ञापन
दारुल उलूम के मेहमानखाने में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि मदरसों की जिम्मेदारी केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की बेहतर तरबियत और संस्थानों की व्यवस्था को मजबूत बनाना भी जरूरी है। मदरसों को अपने अभिलेख दुरुस्त रखने, सरकारी नियमों का पालन करने और शैक्षिक गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश के मुसलमानों और उनके धार्मिक संस्थानों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आपसी एकता, धैर्य और सकारात्मक प्रयासों के साथ परिस्थितियों का मुकाबला करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राब्ता मदारिस की स्थापना का उद्देश्य मदरसों को संगठित करना, उनकी शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना है। बैठक में मदरसों की कार्यप्रणाली और विभिन्न प्रांतों में उनके कामकाज से संबंधित रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इस दौरान देशभर से आए उलमा और जिम्मेदार पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन
-कुलहिंद राब्ता मदारिस की आज होगी आमसभा, जुटने लगे उलमा
देवबंद। दारुल उलूम में कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया के जलसे को लेकर सभी तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं। देश के कोने-कोने से प्रमुख उलमा देवबंद पहुंचने लगे हैं। कुलहिंद राब्ता मदारिस से देश के करीब पांच हजार मदरसे जुड़े हुए हैं। वर्तमान परिस्थितियों और संस्थाओं में बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाने को लेकर मंगलवार (आज) मस्जिद रशीदिया में आम सभा होगी।