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Saharanpur News: खारा में बिजली उत्पादन घटा, 50 से ज्यादा गांवों पर संकट

Mon, 11 May 2026 01:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:22 AM IST
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Electricity production in Khara has decreased, causing problems for more than 50 villages.
खारा जल विद्युत परियोजना
- पहाड़ों पर पानी की कमी से जूझ रही खारा विद्युत परियोजना, एक तिहाई रह गया उत्पादन
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- कलसिया के 220 केवीए बिजलीघर पर होती है सप्लाई, वहां से गांवों को मिलती है आपूर्ति

अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर शिवालिक पहाड़ियों के बीच बनी खारा जल विद्युत परियोजना पानी की कमी से जूझ रही है। विद्युत उत्पादन घटकर एक तिहाई रह गया है, जहां पहले हर दिन नौ लाख रुपये की बिजली उत्पादित होती थी, अब वह घटकर मात्र तीन लाख रह गई है, जिसका असर 50 से ज्यादा गांवों पर पड़ रहा है। इसकी वजह पहाड़ों पर पानी की कमी होना। बारिश कम होने के चलते पहाड़ों पर पानी घट गया है।

वर्ष 1992 में खारा जल विद्युत परियोजना को बिजली उत्पादन करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया। इसमें 72 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 24-24 मेगावाट की तीन टरबाइन लगाई गईं थीं, जिसकी सप्लाई कलसिया के 220 केवीए बिजलीघर को जाती है। इसके अलावा 3-3 मेगावाट की दो परियोजनाएं बेलका और बाबैल भी स्थापित की गईं हैं। इनसे भी बिजली उत्पादन हो रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार चीन के बॉर्डर की टोंस नदी से आ रहे पानी से संचालित इस परियोजना से पूर्व उत्तराखंड के इझारी डैम, उसके बाद 240 मेगावाट की छिबारो पावर हाउस, 120 मेगावाट के खोदरी पावर हाउस और 240 मेगावाट के कुल्हाल पावर हाउस को संचालित करते हुए आखिर में खारा परियोजना तक पहुंचता है। बारिश कम होने के कारण पहाड़ों पर पानी की कमी है और बर्फ भी नहीं पिघल रही, जिस कारण उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में 220 केवीए बिजलीघर को भी पूरी सप्लाई नहीं मिल रही। इस वजह से 220 केवीए बिजलीघर से आगे गांवों को सप्लाई कम मिल रही है।
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हर दिन होता था नौ लाख रुपये का विद्युत उत्पादन, अब मात्र तीन लाख

नवंबर के बाद पहाड़ों से पानी का जलस्तर घटने के चलते विद्युत उत्पादन घट गया है, जो एक तिहाई रह गया है। पानी की आपूर्ति पूरी होने पर जहां करीब तीन करोड़ की बिजली प्रतिमाह उत्पादित की जा रही थी, अब वह घटकर एक तिहाई यानी मात्र एक करोड़ रुपये प्रतिमाह रह गई है। एक दिन का औसत निकाले तो करीब 10 लाख रुपये की बिजली उत्पादित होती थी, जो अब मात्र तीन लाख रह गई है।



इतनी बिजली से रोशन हो सकते हैं 50 गांव

अधिकारियों के अनुसार, पानी कम होने की वजह से फिलहाल एक टरबाइन से 24 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि तीन टरबाइन से 72 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है, जितना उत्पादन कम हुआ है उससे करीब 50 गांवों को सप्लाई मिल सकती है।




-वर्जन



नवंबर माह से पानी कम होने के चलते तीनों टरबाइनों को पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही, जिस कारण विद्युत उत्पादन घटा है। जून में बारिश होने के बाद पानी मिलने पर उत्पादन बढ़ जाएगा। - चंद्रभान प्रसाद, एक्सईएन खारा जल विद्युत परियोजना

खारा जल विद्युत परियोजना

खारा जल विद्युत परियोजना

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