{"_id":"68d83ed8cfd571cfc700b14c","slug":"eighth-grade-girls-could-not-read-hindi-book-report-sent-to-bsa-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-159661-2025-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: आठवीं की छात्राएं नहीं पढ़ सकीं हिंदी की किताब, बीएसए को भेजी आख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: आठवीं की छात्राएं नहीं पढ़ सकीं हिंदी की किताब, बीएसए को भेजी आख्या
Sun, 28 Sep 2025 06:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 28 Sep 2025 06:53 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। जिन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों पर बेटियों की शिक्षा का महत्वपूर्ण जिम्मा है। उन विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहद निम्न पाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नकुड़ के निरीक्षण की रिपोर्ट चौंकाने वाली है, जो पठन-पाठन व्यवस्था की पोल खोल रही है।
खंड शिक्षा अधिकारी सोमबीर सिंह ने नकुड़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। कक्षा छह की 39 छात्राओं में से सात छात्राएं ऐसी मिली, जिनको हिंदी पढ़ना नहीं आता। 24 में से 22 छात्राएं ऐसी मिली, जिनको अंग्रेजी पढ़ना नहीं आता, जबकि 27 में से आठ छात्राएं ऐसी मिली, जिनको गणित के सामान्य जोड़ और घटा के सवाल हल करना नहीं आता।
कक्षा सात की 16 में से 12 छात्राएं ऐसी मिली, जिनको अंग्रेजी पढ़ना नहीं आता। 18 में से दस छात्राएं गणित के जोड़ और घटा के सवाल हल नहीं कर सकी। 25 में से तीन छात्राएं ऐसी मिली, जो हिंदी की किताब नहीं पढ़ सकी। कक्षा आठ की 18 में से आठ छात्राएं अंग्रेजी की किताब नहीं पढ़ सकी।
विज्ञापन
18 में से आठ ही छात्राएं गणित में बेहद कमजोर मिली। 24 में से दो छात्राएं ऐसी मिली, जिनको हिंदी पढ़ना नहीं आता। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल को निरीक्षण आख्या भेजी है, जिसमें अनेक छात्राओं की शैक्षिक योग्यता शून्य बताई गई है।
-- -- --
जून से दिए जा रहे हैं सुधार के निर्देश
खंड शिक्षा अधिकारी सोमबीर सिंह ने बताया कि वह जून 2025 से लगातार कस्तूरबा गांधी विद्यालय की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जून में भी शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया था। तब से शिक्षकों को बच्चों के साथ मेहनत कर स्तर को सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन तीन महीने में कोई सुधार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
खंड शिक्षा अधिकारी सोमबीर सिंह ने नकुड़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। कक्षा छह की 39 छात्राओं में से सात छात्राएं ऐसी मिली, जिनको हिंदी पढ़ना नहीं आता। 24 में से 22 छात्राएं ऐसी मिली, जिनको अंग्रेजी पढ़ना नहीं आता, जबकि 27 में से आठ छात्राएं ऐसी मिली, जिनको गणित के सामान्य जोड़ और घटा के सवाल हल करना नहीं आता।
विज्ञापन
कक्षा सात की 16 में से 12 छात्राएं ऐसी मिली, जिनको अंग्रेजी पढ़ना नहीं आता। 18 में से दस छात्राएं गणित के जोड़ और घटा के सवाल हल नहीं कर सकी। 25 में से तीन छात्राएं ऐसी मिली, जो हिंदी की किताब नहीं पढ़ सकी। कक्षा आठ की 18 में से आठ छात्राएं अंग्रेजी की किताब नहीं पढ़ सकी।
विज्ञापन
18 में से आठ ही छात्राएं गणित में बेहद कमजोर मिली। 24 में से दो छात्राएं ऐसी मिली, जिनको हिंदी पढ़ना नहीं आता। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल को निरीक्षण आख्या भेजी है, जिसमें अनेक छात्राओं की शैक्षिक योग्यता शून्य बताई गई है।
जून से दिए जा रहे हैं सुधार के निर्देश
खंड शिक्षा अधिकारी सोमबीर सिंह ने बताया कि वह जून 2025 से लगातार कस्तूरबा गांधी विद्यालय की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जून में भी शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया था। तब से शिक्षकों को बच्चों के साथ मेहनत कर स्तर को सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन तीन महीने में कोई सुधार नहीं हुआ है।