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गांगरोह नदी पर पुल निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये मंजूर

Tue, 12 Nov 2019 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 11:15 PM IST
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Eight crore rupees approved for the construction of a bridge over the Gangroh River
बेहट क्षेत्र में बहती बरसाती नदी (फाइल फोटो) - फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। लंबी लड़ाई लड़ने के बाद शाहपुर और हुसैन मलकपुर के लिए गांगरोह नदी पर पुल निर्माण के लिए शासन ने 8 करोड़ 3 लाख 53 हजार के बजट की स्वीकृति कर दी है, लेकिन क्षेत्र में शाहपुर और हुसैन मलकपुर के अलावा और भी बहुत से ऐसे गांवों है, जो बरसाती नदियों से घिरे है। ऐसे में अब इन गांवों के लोगों को भी उम्मीद जगी है, कि सरकार उनकी भी सुध लेगी और उन्हें भी बरसात में आने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा।
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बता दें कि जनपद की तहसील बेहट क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियों से दर्जनों बरसाती नदियां निकलती है, जिनमें बरसात के मौसम में पहाड़ियों पर बारिश होने पर बाढ़ आ जाती है और इन नदियों से घिरे गांवों का बाढ़ के दौरान बाहरी क्षेत्रों से संपर्क कट जाता है। महत्वपूर्ण सड़क मार्ग बेहट-शाकंभरी देवी के अलावा बेहट-बिहारीगढ़ और मिर्जापुर-सुंदरपुर भी नदियों में पानी आने पर बंद हो जाते हैं और पानी उतरने के बाद ही इन सड़क मार्गों पर यातायात का संचालन हो पाता है। इसके अलावा जसमौर, पठानपुरा, बाकरपुर, जैतपुर खुर्द और जैतपुर कलां आदि ऐसे गांव है, जिनके दोनों तरफ नदियां है। बरसात में नदियों में बाढ़ आने पर इन गांवों का बाहरी स्थानों से संपर्क कट जाता है। इन गांवों की स्थिति किसी टापू की तरह बन जाती है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और यदि कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल काम है। इसके अलावा मुर्तजापुर गांव बेहट से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। बेहट और मुर्तजापुर के बीच मसखरा नदी है। बरसात में नदी में पानी आने पर इस गांव सहित करीब 15 गांवों के लोगों को लगभग 8 किमी का अतिरिक्त सफर तय करके बेहट या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। इस समस्या के अलावा क्षेत्र में बरसाती नदियों के तेज बहाव पानी से कटाव भी होता है, जिससे हर साल किसानों की हजारों हेक्टेयर उपजाऊ जमीनें और उनमें खड़ी फसल नदियों में मिल जाती है। कई गांवों की आबादी तो कटाव के चलते नदियों के मुहाने पर है। इनमें हीराहेड़ी और पजराणा गांव तो नदी की ढांग पर है। कभी इनसे नदियां बहुत दूर बहती थी, लेकिन हर साल होने वाले कटाव से नदियां अब इनकी आबादी के पास से होकर बह रही है। दोनों तरफ से बरसाती नदियों से घिरे शाहपुर हुसैन मलकपुर के ग्रामीणों ने नदी पर पुल निर्माण के लिए करीब डेढ़ दशक लंबी लड़ाई लड़ी और आखिरकार शासन- प्रशासन ने उनकी सुध लेते यहां पुल निर्माण के लिए 8 करोड़ 3 लाख 53 हजार का बजट स्वीकृत किया। बजट स्वीकृति के बाद इन गांव के लिए पुल निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। शाहपुर और हुसैन मलकपुर के बाद इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के अन्य गांवों के लोगों को भी उम्मीद जगी है कि देर से ही सही लेकिन सरकार उनकी भी सुध लेगी और उन्हें भी इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
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बरसात में घाड़ क्षेत्र में बरसाती नदियों की बाढ़ से भरी नुकसान होता है। इस क्षेत्र के पूर्ण विकास के लिए एक विशेष पैकेज की जरूरत है, ताकि सभी नदियों पर पुलों और तटबंधों का निर्माण कराया जा सकें। वह कई बार विधानसभा में भी घाड़ क्षेत्र का मुद्दा उठा चुके है, लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। नरेश सैनी, क्षेत्रीय विधायक
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