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Saharanpur News: कांवड़ यात्रा के दौरान केवल ट्रांसपोर्ट बंद रखें, स्कूल नहीं
Sat, 20 Jul 2024 05:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 20 Jul 2024 05:01 AM IST
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल से मिला। संगठन की मांग है कि कांवड़ यात्रा के दौरान केवल ट्रांसपोर्ट बंद रखा जाए, लेकिन स्कूलों को खोला जाए।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर केवल ट्रांसपोर्ट यानी स्कूल बसों, स्कूल वैन, स्कूल रिक्शा या टेंपो की आवाजाही बंद रखी जाए, लेकिन स्कूल खोले जाएं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि केवल ट्रांसपोर्ट बंद करें और स्कूल खुले रहने दें। उन्होंने बताया कि स्कूल बंद होने से एक ओर जहां पढ़ाई प्रभावित होगी, वहीं छोटे स्कूल जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।
इसके अलावा जो स्कूल कांवड़ मार्गों पर नहीं हैं उनकी व्यवस्था ज्यों की त्यों चलने देनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 26 स्कूलों का शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान अभी तक नहीं होने का मामला भी रखा। यदि सरकार भुगतान कर दे तो संबंधित स्कूलों की आर्थिक हालत में थोड़ा सुधार हो सकता है। ज्ञापन देने वालों में अमजद अली, केपी सिंह, प्रवीण गुप्ता, दिनेश रुपड़ी, उमा बटला, गयूर आलम, अजय सिंह रावत, हंस कुमार, यशपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर केवल ट्रांसपोर्ट यानी स्कूल बसों, स्कूल वैन, स्कूल रिक्शा या टेंपो की आवाजाही बंद रखी जाए, लेकिन स्कूल खोले जाएं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि केवल ट्रांसपोर्ट बंद करें और स्कूल खुले रहने दें। उन्होंने बताया कि स्कूल बंद होने से एक ओर जहां पढ़ाई प्रभावित होगी, वहीं छोटे स्कूल जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।
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इसके अलावा जो स्कूल कांवड़ मार्गों पर नहीं हैं उनकी व्यवस्था ज्यों की त्यों चलने देनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 26 स्कूलों का शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान अभी तक नहीं होने का मामला भी रखा। यदि सरकार भुगतान कर दे तो संबंधित स्कूलों की आर्थिक हालत में थोड़ा सुधार हो सकता है। ज्ञापन देने वालों में अमजद अली, केपी सिंह, प्रवीण गुप्ता, दिनेश रुपड़ी, उमा बटला, गयूर आलम, अजय सिंह रावत, हंस कुमार, यशपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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