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Saharanpur News: बाढ़ के चलते खुवासपुर में पांच घंटे फंसी रही बरात
Thu, 26 Jun 2025 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 26 Jun 2025 12:27 AM IST
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मिर्जापुर। भारी बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं खुवासपुर गांव में एक बरात भी फंस गई। बरसाती नदी में बाढ़ का पानी आने से दूल्हा और बराती करीब पांच घंटे तक इंतजार करते रहे। पानी कम होने पर दूल्हा और 15 बराती बमुश्किल दूर-दराज के गांव से होते हुए दूल्हन के घर पहुंचे।
खुवासपुर गांव के रहने वाले इशराफ चौधरी की बेटी का रिश्ता करीब 10 किमी दूर रजापुर नौगांव निवासी सादिक पुत्र सत्तार चौधरी के साथ हो रखा था। बुधवार सुबह 9 बजे बरात जानी थी। दूल्हा बरात लेकर घर से निकला, तभी दुल्हन पक्ष की तरफ से फोन पर बताया कि गांव के बाहर बरसाती नदी में पानी उफान पर है, जिससे निकलना मुश्किल है। गांव में आने के लिए कोई अन्य रास्ता नहीं है। ऐसे में बरात को घर पर रुकना पड़ा। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद दूल्हा बरातियों के साथ दुल्हन के गांव के बाहर पहुंच गया, लेकिन वहां पर नदी में पानी ज्यादा होने से उसे पार नहीं कर सके।
इस बीच दूल्हा और बराती करीब पांच घंटे दुल्हन के गांव के बाहर नदी के किनारे खड़े रहे। दोपहर 2 बजे के बाद पानी का स्तर कम हुआ। इसके बाद दूल्हा और बराती दूर-दराज के गांवों से होते हुए दुल्हन के घर पहुंचे। उसके बाद ही निकाह की रस्म पूरी हो सकी। उधर, दूल्हे के परिजनों ने बताया कि बरात में 50 बराती लेकर जाने थे, लेकिन मौसम खराब होने के चलते मात्र 15 बराती ही लेकर गए।
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खुवासपुर गांव के रहने वाले इशराफ चौधरी की बेटी का रिश्ता करीब 10 किमी दूर रजापुर नौगांव निवासी सादिक पुत्र सत्तार चौधरी के साथ हो रखा था। बुधवार सुबह 9 बजे बरात जानी थी। दूल्हा बरात लेकर घर से निकला, तभी दुल्हन पक्ष की तरफ से फोन पर बताया कि गांव के बाहर बरसाती नदी में पानी उफान पर है, जिससे निकलना मुश्किल है। गांव में आने के लिए कोई अन्य रास्ता नहीं है। ऐसे में बरात को घर पर रुकना पड़ा। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद दूल्हा बरातियों के साथ दुल्हन के गांव के बाहर पहुंच गया, लेकिन वहां पर नदी में पानी ज्यादा होने से उसे पार नहीं कर सके।
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इस बीच दूल्हा और बराती करीब पांच घंटे दुल्हन के गांव के बाहर नदी के किनारे खड़े रहे। दोपहर 2 बजे के बाद पानी का स्तर कम हुआ। इसके बाद दूल्हा और बराती दूर-दराज के गांवों से होते हुए दुल्हन के घर पहुंचे। उसके बाद ही निकाह की रस्म पूरी हो सकी। उधर, दूल्हे के परिजनों ने बताया कि बरात में 50 बराती लेकर जाने थे, लेकिन मौसम खराब होने के चलते मात्र 15 बराती ही लेकर गए।
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