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खूंखार हो रहे कुत्ते, हर माह चार हजार से अधिक लोगों पर हमला

Mon, 16 May 2022 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 11:24 PM IST
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Dreaded dogs, attack on more than four thousand people every month
जिला अस्पताल में कुत्ते के काटे का टीका लगवाने पहुंची मुस्कान - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। भीषण गर्मी में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। पिछले करीब डेढ़ माह में कुत्ते कई लोगों को निशाना बना चुके हैं, जिनमें से तीन बच्चों की जान भी चली गई है। जिले में हर माह चार हजार से अधिक लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं, जबकि सीएचसी व पीएचसी पर प्रति माह एक हजार से अधिक लोग टीका लगवाते हैं।
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सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के कारण ओपीडी पूर्वाह्न 11 बजे तक रही। प्रात: आठ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक के तीन घंटों में 101 लोग टीका लगवाने पहुंचे। शिवानी सरसावा के गांव सरसोहेड़ी से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंची थी। लोहानी सराय निवासी मुस्कान भी एंटी रेबीज का टीका लगवाने पहुंची। एसबीडी जिला अस्पताल के अलावा जिले में नागल सीएचसी, नानौता सीएचसी, गंगोह सीएचसी, गागहलहेड़ी सीएचसी, नकुड़ सीएचसी और रामपुर मनिहारान सीएचसी और अंबेहटा पीएचसी पर भी कुत्ता काटे के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। नागल सीएचसी पर सप्ताह में मंगलवार और शुक्रवार को गंगोह सीएचसी पर सोमवार और बृहस्पतिवार को, गागलहेड़ी और नकुड़ सीएचसी पर सोमवार और बृहस्पतिवार एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है। देहात के उक्त सीएचसी और पीएचसी पर प्रति माह एक हजार से अधिक मामले कुत्ता काटे के पहुंचते हैं।
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नियमानुसार नहीं लगते इंजेक्शन
कुत्तों के हमले के बाद इंजेक्शन लगने के दिन तय हैं। टिटनेस का इंजेक्शन सबसे जरूरी है। इसके बाद एंटी रेबीज का इंजेक्शन जीरो-डे यानी पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिन और 28वें दिन लगना चाहिए। मगर सीएचसी और पीएचसी पर सप्ताह में मात्र दो दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं। ऐसे में उक्त सीएचसी और पीएचसी पर पहले, तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन का मतलब नहीं है।
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गत माह की प्रमुख घटनाएं
चार अप्रैल को गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी छह वर्षीय शिफा, सात अप्रैल को तीतरों के गांव झाड़वन निवासी ढाई वर्षीय कोयल, मिर्जापुर के गांव मांडली में 12 वर्षीय बच्चे तथा 23 अप्रैल को चिलकाना के गांव नल्हेड़ा में 12 वर्षीरू साहिबा को कुत्तों ने नोंचकर मार डाला था। इसके अलावा 17 अप्रैल को गांव बरथा कायस्थ में 13 वर्षीय जावेद, गांव लखनौती में सफाईकर्मी महिला पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
वैक्सीन आने से राहत
पिछले दिनों एसबीडी जिला अस्पताल के साथ ही जनपद की सीएचसी और पीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो गए थे। जिसकी वजह से कुत्ता काटे से घायल लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा था, लेकिन अब जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन आ चुके हैं। सीएचसी और पीएचसी पर भी टीके लगाए जा रहे हैं।
पशुओं से भी हो सकता है रेबीज
फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि बहुत सारे पशु ऐसे होते हैं, जिनसे रेबीज मनुष्यों में फैल सकता है। चमगादड़, लोमड़ी के अलावा पालतू पशु जैसे कुत्ता, बिल्ली, गाय, भैंस आदि भी रेबीज को लोगों में फैलाते हैं। कुत्ता, बिल्ली, घोड़े आदि को रेबीज का टीकाकरण किया जाता है। इन पशुओं के काटने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
चूहे भी हो रहे हमलावर
एसबीडी जिला अस्पताल की 15 नंबर ओपीडी में शहर के विजय नगर निवासी शिक्षिका शिवानी पहुंची, जिसके पैर में चूहे ने काटा हुआ था। शिवानी ने डॉक्टर की सलाह पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया।

पिछले दिनों एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो गए थे, जो फिर से मंगवा लिए गए हैं। इस समय एसबीडी जिला अस्पताल और जहां भी सीएचसी व पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन हैं। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।

रकिला अस्पताल में कुत्ते के काटे का टीका लगवाने पहुंची अंजली

रकिला अस्पताल में कुत्ते के काटे का टीका लगवाने पहुंची अंजली- फोटो : SAHARANPUR

जिला अस्पताल में टीका लगवाने पहुंची शिवानी

जिला अस्पताल में टीका लगवाने पहुंची शिवानी- फोटो : SAHARANPUR

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