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Saharanpur News: शक छीन रहा रिश्तों की मिठास, टूट रहे सात जन्मों के वादे

Wed, 25 Jun 2025 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 25 Jun 2025 12:34 AM IST
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Doubt is taking away the sweetness of relationships, promises of seven lives are being broken
सहारनपुर। पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की डोर से बंधा होता है। भरोसे की गाड़ी जरा भी डगमगाई तो रिश्ते टूटने में देर नहीं लगती। एक-दूसरे पर शक करने का मतलब घर की बर्बादी है। पिछले कुछ महीनों में इस तरह के मामलों की परिवार परामर्श केंद्र व बुजुर्ग हेल्प डेस्क पर बढ़ोत्तरी हुई है।
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पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र और बुजुर्ग हेल्प डेस्क है। इन दोनों पर रोजाना 50 से अधिक मामले आते हैं। इस समय अधिकांश मामले शक के पहुंच रहे हैं। फिर चाहे शक पति करें या पत्नी। ज्यादातर मामलों में पत्नी के मायके में बात करने के होते हैं, क्योंकि, पति के काम पर लौटने के बाद अधिकांश समय पत्नी घर पर रहती है। समय की कमी के कारण भी संदेह की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में पति समझदार न हो तो वह पत्नी पर शक करने लगता है। इनके अलावा केंद्रों पर प्रेम विवाह के मामले में भी आ रहे हैं। कुछ महीने में जिंदगी ठीक चलती है, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे खटास पैदा होने लगती है।
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केस एक
कोतवाली मंडी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने परिवार परामर्श केंद्र में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पति उसे छोड़ रहा है। दोनों पक्ष को आमने-सामने बैठाया गया। पति ने कहा कि यह गैर व्यक्ति से बात करती है। पत्नी ने कहा कि वह अपने मायके में मां व भाभी से बात करती है। फोन कम करने पर बात बनी। तब जाकर पत्नी को लेकर गया।
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केस दो

बुजुर्ग हेल्प डेस्क में एक गांव का मामला आया, जिसमें दंपती चार साल से अलग रह रहे थे। दो बच्चे हैं। एक लड़का व एक लड़की है। मामला महिला थाने में आया तो पति के चरित्र पर सवाल उठने लगा। इसके बाद में बच्चे के भविष्य का हवाला पुलिस ने दिया। इसके बाद दोनों माने और एक साथ जाने के लिए राजी हो गए।

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परिवार परामर्श केंद्र पर आने वाले अधिकांश मामलों में सुलह-समझौता कराने के प्रयास रहते हैं, ताकि परिवार को टूटने से बचाया जा सके। गंभीर मामलों को महिला थाने भेज दिया जाता है।

व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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