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180 किमी दूर जाकर अनजान के लिए किया रक्तदान
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सहारनपुर। समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान और प्लाज्मा दान करने को हर पल तत्पर रहते हैं, चाहे उन्हें कितनी भी दूर क्यों न जाना पड़े। खासकर कोरोना काल में ऐसे कई उदाहरण सामने आए, जब 180 किलोमीटर दूर दिल्ली तक जाकर भी जरूरतमंद के लिए रक्तदान और प्लाज्मा दान किया। अनजान व्यक्ति के लिए रक्तदान करने वाले इन लोगों में किसी की जिंदगी बचाने का अलग ही जुनून नजर आता है। एक अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस को लेकर ऐसे लोगों पर पेश है रिपोर्ट।
प्लाज्मा दान कर बचाई जान
सहारनपुर निवासी विनीत रामपाल 05 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमित हो गए थे। कोरोना को हराने के बाद सितंबर में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। इसके बाद कई लोग कोरोना की चपेट में आ गए, जिन्हें प्लाज्मा की भी जरूरत पड़ी। विनीत रामपाल बताते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है। सितंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में को संस्था के माध्यम से उनके पास कॉल आई और ग्रेटर नोएडा के शारदा हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित के लिए प्लाज्मा की आवश्यकता बताई गई। वह ग्रेटर नोएडा गए और प्लाज्मा दान किया। वह व्यक्ति झांसी का रहने वाला था, जो बाद में स्वस्थ हो गया। इसी तरह सहारनपुर के रहने वाले गौरव देहरादून स्थित सिनर्जी अस्पताल में भर्ती थे, कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्हें भी प्लाज्मा की दरकार थी। इनके लिए चार अक्तूबर को विनीत रामपाल ने देहरादून जाकर प्लाज्मा डोनेट किया।
एडवोकेट विपिन ने दिल्ली जाकर दान किया प्लाज्मा
गांव पहांसु निवासी विपिन चौधरी एडवोकेट ने बताया कि उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव है, जो बहुत कम मिल पाता है। मध्य प्रदेश का युवक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था, वह कोरोना संक्रमित हो चुका था। एफबीडी (फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट) के नंबर पर कॉल आई थी, कॉल करने वाले उस युवक के लिए प्लाज्मा की आवश्यकता बताई। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे और प्लाज्मा दान किया। इसके अलावा बीते वर्ष ही लॉकडाउन से पहले देहरादून जाकर एक युवक के लिए रक्तदान किया था।
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आर्मी हॉस्पिटल जाकर किया रक्तदान
शहर के ही रहने वाले पंकज कुमार बताते हैं कि छह महीना पहले एफबीडी ग्रुप के माध्यम से एक जरूरतमंद के बारे में पता चला जो दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती था। वह दिल्ली गए और वहां रक्तदान किया। पंकज ने बताया कि उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव है। हास्पिटल में भर्ती मरीज का भी ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव था। उसके परिजन काफी चिंतित थे, क्योंकि यह ग्रुप मिल नहीं पा रहा था। पंकज ने बताया कि जब दिल्ली जाकर रक्तदान किया तो मरीज के परिजनों की आंख भर आई और अब भी वह उनके संपर्क में हैं।
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प्लाज्मा दान कर बचाई जान
सहारनपुर निवासी विनीत रामपाल 05 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमित हो गए थे। कोरोना को हराने के बाद सितंबर में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। इसके बाद कई लोग कोरोना की चपेट में आ गए, जिन्हें प्लाज्मा की भी जरूरत पड़ी। विनीत रामपाल बताते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है। सितंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में को संस्था के माध्यम से उनके पास कॉल आई और ग्रेटर नोएडा के शारदा हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित के लिए प्लाज्मा की आवश्यकता बताई गई। वह ग्रेटर नोएडा गए और प्लाज्मा दान किया। वह व्यक्ति झांसी का रहने वाला था, जो बाद में स्वस्थ हो गया। इसी तरह सहारनपुर के रहने वाले गौरव देहरादून स्थित सिनर्जी अस्पताल में भर्ती थे, कोरोना संक्रमित होने के कारण उन्हें भी प्लाज्मा की दरकार थी। इनके लिए चार अक्तूबर को विनीत रामपाल ने देहरादून जाकर प्लाज्मा डोनेट किया।
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एडवोकेट विपिन ने दिल्ली जाकर दान किया प्लाज्मा
गांव पहांसु निवासी विपिन चौधरी एडवोकेट ने बताया कि उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव है, जो बहुत कम मिल पाता है। मध्य प्रदेश का युवक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था, वह कोरोना संक्रमित हो चुका था। एफबीडी (फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट) के नंबर पर कॉल आई थी, कॉल करने वाले उस युवक के लिए प्लाज्मा की आवश्यकता बताई। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे और प्लाज्मा दान किया। इसके अलावा बीते वर्ष ही लॉकडाउन से पहले देहरादून जाकर एक युवक के लिए रक्तदान किया था।
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आर्मी हॉस्पिटल जाकर किया रक्तदान
शहर के ही रहने वाले पंकज कुमार बताते हैं कि छह महीना पहले एफबीडी ग्रुप के माध्यम से एक जरूरतमंद के बारे में पता चला जो दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती था। वह दिल्ली गए और वहां रक्तदान किया। पंकज ने बताया कि उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव है। हास्पिटल में भर्ती मरीज का भी ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव था। उसके परिजन काफी चिंतित थे, क्योंकि यह ग्रुप मिल नहीं पा रहा था। पंकज ने बताया कि जब दिल्ली जाकर रक्तदान किया तो मरीज के परिजनों की आंख भर आई और अब भी वह उनके संपर्क में हैं।