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इनसे सीखें... कोरोना को हराया
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सहारनपुर। संक्रमित होने के बाद कुछ लोग लापरवाही कर जाते हैं, चिकित्सक की सलाह को अनसुना कर देते हैं या फिर दवा लेने में लापरवाही बरतते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि संक्रमित होने के बाद नियमित उपचार और खानपान का ख्याल अति आवश्यक है। यह अनुभव उन लोगों का है, जिन्होंने नियमों का पालन करते हुए कोरोना को हराया है।
शहर के शिवाजीनगर निवासी अंकित गुप्ता प्राइवेट पब्लिशर है। वह अप्रैल के प्रथम सप्ताह में संक्रमित हुए। इसके बाद खुद को होम आइसोलेशन में रखा। परिवार में माता पिता के अलावा पत्नी और बेटी है। खुद को परिवार के लोगों से एकदम अलग रखा। खाना आदि कमरे के दरवाजे पर ही लिया। डाक्टर की सलाह पर दवाएं लीं और 15 दिन तक होम क्वारंटीन में रहे। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नारियल पानी, मल्टी विटामिन, विटामिन सी, जिंक आदि लेते रहे। दिन में दो बार भाप लेते थे।
अंकित का कहना है कि चिकित्सक ने जो दवाएं लिखीं, वह नियमित लेते रहे। साथ ही योग आदि भी किया। अंकित का कहना है कि यदि दवाएं सही तरीके से लें, सावधानी बरतें तो संक्रमित होने पर भी घर में रहकर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है। जो लोग उपचार में लापरवाही बरतते हैं या एक दो दिन दवा लेकर फिर छोड़ देते हैं, उन्हें फिर से परेशानी होती है और अस्पताल तक जाना पड़ जाता है। अंकित ने बताया कि 15 दिन होम आइसोलेशन में रहने के बाद वह अब पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अब भी मास्क अनिवार्य रूप से पहनते हैं और किसी भी सामान को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर करते हैं।
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शहर के शिवाजीनगर निवासी अंकित गुप्ता प्राइवेट पब्लिशर है। वह अप्रैल के प्रथम सप्ताह में संक्रमित हुए। इसके बाद खुद को होम आइसोलेशन में रखा। परिवार में माता पिता के अलावा पत्नी और बेटी है। खुद को परिवार के लोगों से एकदम अलग रखा। खाना आदि कमरे के दरवाजे पर ही लिया। डाक्टर की सलाह पर दवाएं लीं और 15 दिन तक होम क्वारंटीन में रहे। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नारियल पानी, मल्टी विटामिन, विटामिन सी, जिंक आदि लेते रहे। दिन में दो बार भाप लेते थे।
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अंकित का कहना है कि चिकित्सक ने जो दवाएं लिखीं, वह नियमित लेते रहे। साथ ही योग आदि भी किया। अंकित का कहना है कि यदि दवाएं सही तरीके से लें, सावधानी बरतें तो संक्रमित होने पर भी घर में रहकर कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है। जो लोग उपचार में लापरवाही बरतते हैं या एक दो दिन दवा लेकर फिर छोड़ देते हैं, उन्हें फिर से परेशानी होती है और अस्पताल तक जाना पड़ जाता है। अंकित ने बताया कि 15 दिन होम आइसोलेशन में रहने के बाद वह अब पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अब भी मास्क अनिवार्य रूप से पहनते हैं और किसी भी सामान को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर करते हैं।
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