{"_id":"629b9fcb8bf40e7213393212","slug":"district-s-brick-kiln-traders-will-join-the-strike-saharanpur-news-mrt591462760","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल में शामिल होंगे जनपद के ईंट भट्ठा कारोबारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल में शामिल होंगे जनपद के ईंट भट्ठा कारोबारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। ईंट व टाइल्स निर्माता समिति की बैठक में ईंटों पर बढ़ाई गई जीएसटी की दर और कोयले के बढ़ते भाव के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जीएसटी की बढ़ी दरों के वापस लेने और कोयले के उचित दाम होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
शनिवार को जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ईंटों पर बढ़ाई गई जीएसटी की दरों, कोयले के भाव में बढ़ोतरी और ईंटों की बिक्री में मंदी के चलते ईंट भट्ठा कारोबार घाटे का सौदा बन गया है। इसके विरोध में ऑल इंडिया ईंट भट्ठा एसोसिएशन की हड़ताल को जनपद के ईंट भट्ठा कारोबारियों का पूरा समर्थन है। इसलिए वर्ष 2022-23 में ईंट भट्ठे बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर सरकार सभी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान का नारा देती है। वहीं आम आदमी के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि ईंट आवश्यक वस्तु में आती है। ईंटों पर जीएसटी दर पांच से बढ़ाकर बारह प्रतिशत करने का औचित्य समझ से बाहर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयले के दामों में 200 प्रतिशत की वृद्धि कर इस व्यवसाय की रीढ़ तोड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक जीएसटी की बढ़ी दरें वापस नहीं होती और कोयले की आपूर्ति उचित दरों पर नहीं होगी तब तक सभी भट्ठों पर हड़ताल रहेगी। अध्यक्षता चौधरी बख्तावर सिंह और संचालन दीपक गर्ग ने किया। इस दौरान चौधरी सेठपाल सिंह, चौधरी ओमवीर, हाजी जमील, हाजी याकूब, अजय सैनी, आशीष गोयल, वरूण सैनी, श्रवण शर्मा, राजीव राव, राकेश जैन, अनवर, हाजी महफूज चौधरी, सरदार गुरमीत सिंह, गोल्डी गोयल, अमित राठी, जसवीर सिंह, रामकुमार, सुरेंद्र अरोड़ा, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शनिवार को जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ईंटों पर बढ़ाई गई जीएसटी की दरों, कोयले के भाव में बढ़ोतरी और ईंटों की बिक्री में मंदी के चलते ईंट भट्ठा कारोबार घाटे का सौदा बन गया है। इसके विरोध में ऑल इंडिया ईंट भट्ठा एसोसिएशन की हड़ताल को जनपद के ईंट भट्ठा कारोबारियों का पूरा समर्थन है। इसलिए वर्ष 2022-23 में ईंट भट्ठे बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर सरकार सभी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान का नारा देती है। वहीं आम आदमी के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि ईंट आवश्यक वस्तु में आती है। ईंटों पर जीएसटी दर पांच से बढ़ाकर बारह प्रतिशत करने का औचित्य समझ से बाहर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयले के दामों में 200 प्रतिशत की वृद्धि कर इस व्यवसाय की रीढ़ तोड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक जीएसटी की बढ़ी दरें वापस नहीं होती और कोयले की आपूर्ति उचित दरों पर नहीं होगी तब तक सभी भट्ठों पर हड़ताल रहेगी। अध्यक्षता चौधरी बख्तावर सिंह और संचालन दीपक गर्ग ने किया। इस दौरान चौधरी सेठपाल सिंह, चौधरी ओमवीर, हाजी जमील, हाजी याकूब, अजय सैनी, आशीष गोयल, वरूण सैनी, श्रवण शर्मा, राजीव राव, राकेश जैन, अनवर, हाजी महफूज चौधरी, सरदार गुरमीत सिंह, गोल्डी गोयल, अमित राठी, जसवीर सिंह, रामकुमार, सुरेंद्र अरोड़ा, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन