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Saharanpur News: विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा
Thu, 15 Feb 2024 03:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:18 AM IST
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सहारनपुर। रपटा और साइफन बह जाने के प्रकरण की जांच कर ली गई है, जिसमें घोर लापरवाही सामने आना बताया जा रहा है। मामले में सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया है। इसके बाद से संबंधित अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है।
सिंचाई विभाग ने ढमोला नदी पर घुन्ना के पास करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से रपटा और साइफन बनाया था, जो पानी छोड़े जाने पर पहले ही बहाव के साथ बह गया। इस पर क्षेत्रवासियों ने मौके पर जाकर प्रदर्शन किया था। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि रपटा और साइफन तैयार करने में घोर लापरवाही बरती गई।
गुणवत्ता का भी पालन नहीं किया गया, जिसके चलते वह पहली ही बार में पानी के दबाव को नहीं झेल सका। मामले में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जांच के निर्देश दिए थे। सीडीओ सुमित राजेश महाजन ने बताया कि मामले में एसडीएम सदर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। चूंकि तकनीकी जांच कराई गई है तो समिति में दो अधिशासी अभियंता शामिल रहे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। उधर, रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। मामले को लेकर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं में खलबली है।
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सिंचाई विभाग ने ढमोला नदी पर घुन्ना के पास करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से रपटा और साइफन बनाया था, जो पानी छोड़े जाने पर पहले ही बहाव के साथ बह गया। इस पर क्षेत्रवासियों ने मौके पर जाकर प्रदर्शन किया था। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि रपटा और साइफन तैयार करने में घोर लापरवाही बरती गई।
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गुणवत्ता का भी पालन नहीं किया गया, जिसके चलते वह पहली ही बार में पानी के दबाव को नहीं झेल सका। मामले में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जांच के निर्देश दिए थे। सीडीओ सुमित राजेश महाजन ने बताया कि मामले में एसडीएम सदर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। चूंकि तकनीकी जांच कराई गई है तो समिति में दो अधिशासी अभियंता शामिल रहे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। उधर, रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। मामले को लेकर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं में खलबली है।
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