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रोजे में गर्भवती महिलाओं को छूट
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:47 AM IST
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रमजान
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में इमाम सहारनपुर कारी सैय्यद इसहाक गोरा के निर्देशन में चल रही हेल्पलाइन पर लोगों द्वारा जताई गई शंकाओं का समाधान किया गया। बृहस्पतिवार को भी रोजेदारों ने हेल्पलाइन पर सवाल के जवाब जान कर अपना समाधान किया। कुछ खास सवालों के जवाब।
rसवाल-- अब्दुल क़ादिर, नकुड़ से पूछा कि वह रोजे की हालत में दांतों में फंसा कुछ निकाल रहे थे कि अचानक दांत से ख़ून निकल आया, अब क्या उनका रोजा टूट गया ?
rजवाब-- अगर किसी व्यक्ति के रोजे की हालत में दांतों से खून निकले परंतु हलक में ना जाए तो रोजे पर कोई फर्क नहीं आएगा।
rसवाल-- इनाम अंसारी, भांयला गांव से जानना चाहा कि उनकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है।
डॉक्टर ने बताया है कि रोजा रखना बच्चे ओर खुद उसकी मां के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ऐसी सूरत में शरीयत का क्या हुकुम है?
rजवाब-- अगर कोई महिला गर्भवती है और रोजे में बच्चे को या उसकी जान को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है तो तो वह महिला रोजा ना रखे, परंतु बाद में कजा अदा करना लजिम होगा।
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rसवाल--ईसा, लखनौती गांव से मालूम किया कि उनके भाई एक मस्जिद में ऐतेकाफ से बैठे हैं, उस मस्जिद में नहाने का कोई खास इंतजाम नहीं है और मौसम गरम है। क्या वह मस्जिद से बाहर नहाने के लिए इस हालत में जा सकते हैं?
rजवाब--अगर कोई व्यक्ति ऐतेकाफ में बैठा है और वह सिर्फ ठंडक की नीयत से नहाने मस्जिद से बाहर जाता है तो ये उस व्यक्ति के लिए जायज नहीं।
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rसवाल-- अब्दुल क़ादिर, नकुड़ से पूछा कि वह रोजे की हालत में दांतों में फंसा कुछ निकाल रहे थे कि अचानक दांत से ख़ून निकल आया, अब क्या उनका रोजा टूट गया ?
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rजवाब-- अगर किसी व्यक्ति के रोजे की हालत में दांतों से खून निकले परंतु हलक में ना जाए तो रोजे पर कोई फर्क नहीं आएगा।
rसवाल-- इनाम अंसारी, भांयला गांव से जानना चाहा कि उनकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है।
डॉक्टर ने बताया है कि रोजा रखना बच्चे ओर खुद उसकी मां के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ऐसी सूरत में शरीयत का क्या हुकुम है?
rजवाब-- अगर कोई महिला गर्भवती है और रोजे में बच्चे को या उसकी जान को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है तो तो वह महिला रोजा ना रखे, परंतु बाद में कजा अदा करना लजिम होगा।
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rसवाल--ईसा, लखनौती गांव से मालूम किया कि उनके भाई एक मस्जिद में ऐतेकाफ से बैठे हैं, उस मस्जिद में नहाने का कोई खास इंतजाम नहीं है और मौसम गरम है। क्या वह मस्जिद से बाहर नहाने के लिए इस हालत में जा सकते हैं?
rजवाब--अगर कोई व्यक्ति ऐतेकाफ में बैठा है और वह सिर्फ ठंडक की नीयत से नहाने मस्जिद से बाहर जाता है तो ये उस व्यक्ति के लिए जायज नहीं।