फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Direct sowing of paddy will save water and cost

Saharanpur News: पानी और लागत बचाएगी धान की सीधी बुवाई

Sun, 12 May 2024 03:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 12 May 2024 03:10 AM IST
विज्ञापन
Direct sowing of paddy will save water and cost
सहारनपुर। धान की सीधी बुवाई किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इस विधि में धान का उत्पादन भी परम्परागत तरीके लगाए गए धान के बराबर ही होता है। पानी और श्रम कम लगने से फसल की लागत में कमी आती है। जिले में इस बार 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की सीधी बुवाई करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन

धान की सीधी बुवाई पानी और श्रमिकों की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इस विधि में 50 फीसदी पानी की बचत हो जाती है। इसमें न तो धान की नर्सरी तैयार की जाती है और न ही रोपाई होती है। इसमें सीधे धान की बुवाई सीड ड्रिल या सुपर सीडर के माध्यम की जाती है। इसे लगाने की लागत और पानी की खपत में कमी आती है। इसमें खेत को अच्छी तरीके से तैयार कर उचित नमी होने पर सीड ड्रिल के माध्यम से बीज की सीधी बुवाई होती है। धान की सीधी बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय 25 मई से लेकर 20 जून तक है। बीज की गहराई दो सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। उर्वरक भी बुवाई के समय ही दिए जाते हैं। सीधी बुवाई में सबसे अधिक समस्या खरपतवार नियंत्रण की होती है। इसलिए किसान बुवाई के तुरंत बाद खरपतवारनाशी रसायन का स्प्रे करना चाहिए। अन्य सभी कार्य सामान्य विधि के अनुसार ही होते हैं।
विज्ञापन

--------
पीवी 1692 और 1509 प्रजातियों के लिए उपयुक्त विधि
धान की सीधी बुवाई विधि 120 से 125 दिन की अवधि में पकने वाली पीवी 1692, पीवी 1509 एवं पीवी 1847 प्रजाति के लिए बहुत ही उपयुक्त है। बुवाई से पहले बीज को स्ट्रेप्टोसाइक्लिन एवं बावस्टीन से उपचारित किया जाए। धान के बीज को 10 घंटे पानी में भिगोकर रखा जाए, उसके बाद सुखाकर बुवाई की जाए। सीडड्रिल या सुपरसीडर के माध्यम से बुवाई करने पर धान की महीन प्रजातियों का 30 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की दर से लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
धान की सीधी बुवाई का गत वर्ष सांपला बेगमपुर में 50 बीघा में ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा। इस बार विभाग का लक्ष्य 40 हेक्टेयर में इस विधि से धान की बुवाई करना है। इसके लिए किसानों को जागरुक किया जा रहा है।
- डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed