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डिजिटल गन्ना पर्चियों से मंडल में बचेंगे 1.14 करोड रुपये

Tue, 01 Sep 2020 10:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:57 PM IST
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Digital sugarcane slips to save Rs 1.14 crore in the board
सहारनपुर। गन्ना विभाग इस बार किसानों को कागज की पर्ची की बजाय मोबाइल पर एमएमएस के माध्यम से पर्ची भेजेगा। इससे जहां विभाग की पर्ची वितरकों के मानदेय से लेकर स्टेशनरी पर खर्च होने वाले करीब 1.14 करोड रुपये की बचत होगी वहीं किसानों की पर्ची का गन्ना माफिया दुरुपयोग नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं एसएमएस भेजने से पर्ची गुम होने जैसी आशंका भी खत्म होगी। कोविड-19 के प्रकोप के बाद विभाग गत सीजन में एक अप्रैल से इसका सफल ट्रायल भी कर चुका है।
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आगामी गन्ना पेराई सत्र में किसानों को पूरी तरह से डिजिटल पर्चियां भेजने की तैयारी चल रही है। आगामी गन्ना पेराई सत्र में किसान के मोबाइल पर ही एसएमएस के मार्फत डिजिटल पर्चियां भेजी जाएंगी। इससे न सिर्फ बिचौलियों पर अंकुश लगेगा बल्कि किसानों को गन्ना सप्लाई करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। मंडल के 4,65,941 किसानों की 60 लाख से अधिक पर्चियां हैं। इनके कागज, छपाई से लेकर वितरण तक पर करीब 1.14 करोड रुपये खर्च होता है। समितियों के 150 वितरकों को मंडल के 2267 गांवों में जाकर गन्ना पर्चियों का वितरण करना होता है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद गन्ना समितियों का यह खर्च भी बचेगा। इसके लिए गन्ना विभाग ने मंडल के सभी किसानों के मोबाइल नंबर फीड कर लिए हैं।
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ईआरपी सिस्टम का लिया जाएगा सहारा
- गन्ना विभाग वास्तविक किसान को सीधे पर्चियां पहुंचाने के लिए ईआरपी सिस्टम (इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) का सहारा लेगा। अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर वाले इस सिस्टम से ई गन्ना एप भी बनाया गया है। इसी सिस्टम के माध्यम से किसानों को एसएमएस के जरिए पर्चियां भेजी जाएंगी। जिससे पर्चियां के रास्ते में गुम होने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। पर्चियां खोने से लेकर उसके गायब कर देने जैसी समस्याओं से भी किसानों को निजात मिलेगी।
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गन्ना तोल कराते समय किसान को रखना होगा पहचान पत्र
- सीधे किसानों को पर्चियां पहुंचाने और कोविड-19 के प्रकोप से बचाव के लिए इस सीजन में कागज की बजाए डिजिटल पर्चियां भेजी जाएंगी। किसानों को तौल कराते समय अपने मोबाइल पर्ची के साथ ही पहचानपत्र भी रखना होगा। गत सीजन में एक अप्रैल से इसका ट्रायल किया था, जो सफल रहा। अब मंडल में पर्चियों के कागज, छपाई और वितरण पर खर्च होने वाले करीब 1.14 करोड रुपये की बचत होगी।
-- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
- एक नजर में मंडल के आंकडे़
मंडल में गन्ना किसान - 4,65,841
मंडल के किसानों की कुल पर्चियां - 60 लाख
मंडल में क़ुल क्षेत्रफल - 350546 हेक्टेयर
मंडल में गन्ना विकास समितियां - 15
मंडल में शुगर मिल - 17
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