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चौपट हुआ ढाबा कारोबार, अब बाईपास पर शिफ्ट करने की तैयारी
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ढाबा संचालक विरेंद्र सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
ढाबा कारोबार चौपट, बाईपास पर शिफ्ट करने की तैयारी
सहारनपुर। अंबाला-देहरादून हाईवे पर सहारनपुर बाईपास शुरू होने से जहां जिले में विकास आगे बढ़ा है, वहीं हाईवे का ढाबा कारोबार चौपट हो गया। यात्री अब बाईपास से ही गुजर रहे हैं, जिस कारण ढाबा कारोबार 20 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में ढाबा संचालकों ने बाईपास पर ढाबा शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है, मगर वहां जमीन के दाम दोगुने तक हो गए हैं।
अंबाला-देहरादून हाईवे पर रोजाना 20 हजार से अधिक वाहनों का संचालन होता है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश के लोग इसी रास्ते होकर आते-जाते हैं। त्योहार या गंगा स्नान के समय पर आवागमन बढ़ जाता है। पंजाब व हरियाणा के लोग हरिद्वार व ऋषिकेश के लिए इसी मार्ग होकर जाते हैं। अब अंबाला हाईवे पर वाहन सरसावा से पहले ही बाईपास से होकर गुजरते हैं, जो गागलहेड़ी से आगे छुटमलपुर और बिहारीगढ़ होते हुए जाते हैं। इसलिए अब वाहन सरसावा से शहर सहारनपुर और यहां से गागलहेड़ी तक देहरादून हाईवे होकर नहीं जाते थे। इस मार्ग पर 50 से अधिक ढाबे हैं। वाहनों का संचालन बाईपास से होने की वजह से ढाबों का कारोबार 20 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में ढाबा संचालकों ने बाईपास किनारे ढाबे शिफ्ट करने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
बोले संचालक, बढ़ गए भूमि के दाम
बाईपास किनारे की भूमि के दाम दोगुने हो गए हैं। अंबाला रोड स्थित गांव सरसोहेड़ी के पास स्थित ढाबा संचालक विरेंद्र सिंह का कहना है कि बाईपास बनने के बाद से कारोबार 20 प्रतिशत रह गया है। बाईपास किनारे भूमि के दाम दोगुने हो गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक स्थित ढाबा संचालक लियाकत मुखिया ने बताया कि वह बाईपास किनारे ढाबा शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। बाईपास किनारे ही ढाबा स्थापित करने पर कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। ढाबा संचालक राजेश कुमार, पंकज पंवार ने बताया कि बाईपास शुरू होने के बाद अंबाला हाईवे पर स्थित ढाबों का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसलिए बाईपास किनारे जमीन तलाश रहे हैं। देहरादून रोड के ढाबा संचालक अजहर राव और जब्बार का कहना है कि बाईपास किनारे जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। 35 से 40 लाख रुपये बीघा भूमि का दाम मांगा जा रहा है।
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बैंक्वेट हॉल बनाने की तैयारी में कुछ लोग
अंबाला-देहरादून हाईवे पर कारोबार कम होने की वजह से ढाबा संचालक बाईपास किनारे ढाबे स्थापित कर इन जगहों पर बैंक्वेटहॉल बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं। क्योंकि, शादियों के शुभ मुहूर्त की तिथियों में शहर में होटल, बैंक्वेट हॉल और धर्मशालाएं कम पड़ जाती हैं। लोग महानगर के आउटर पर बने बैंक्वेट हॉल का रुख करते हैं। ढाबा संचालकों को उम्मीद है कि बैैंक्वेट हॉल का कारोबार अच्छा चलेगा।
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सहारनपुर। अंबाला-देहरादून हाईवे पर सहारनपुर बाईपास शुरू होने से जहां जिले में विकास आगे बढ़ा है, वहीं हाईवे का ढाबा कारोबार चौपट हो गया। यात्री अब बाईपास से ही गुजर रहे हैं, जिस कारण ढाबा कारोबार 20 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में ढाबा संचालकों ने बाईपास पर ढाबा शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है, मगर वहां जमीन के दाम दोगुने तक हो गए हैं।
अंबाला-देहरादून हाईवे पर रोजाना 20 हजार से अधिक वाहनों का संचालन होता है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश के लोग इसी रास्ते होकर आते-जाते हैं। त्योहार या गंगा स्नान के समय पर आवागमन बढ़ जाता है। पंजाब व हरियाणा के लोग हरिद्वार व ऋषिकेश के लिए इसी मार्ग होकर जाते हैं। अब अंबाला हाईवे पर वाहन सरसावा से पहले ही बाईपास से होकर गुजरते हैं, जो गागलहेड़ी से आगे छुटमलपुर और बिहारीगढ़ होते हुए जाते हैं। इसलिए अब वाहन सरसावा से शहर सहारनपुर और यहां से गागलहेड़ी तक देहरादून हाईवे होकर नहीं जाते थे। इस मार्ग पर 50 से अधिक ढाबे हैं। वाहनों का संचालन बाईपास से होने की वजह से ढाबों का कारोबार 20 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में ढाबा संचालकों ने बाईपास किनारे ढाबे शिफ्ट करने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
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बोले संचालक, बढ़ गए भूमि के दाम
बाईपास किनारे की भूमि के दाम दोगुने हो गए हैं। अंबाला रोड स्थित गांव सरसोहेड़ी के पास स्थित ढाबा संचालक विरेंद्र सिंह का कहना है कि बाईपास बनने के बाद से कारोबार 20 प्रतिशत रह गया है। बाईपास किनारे भूमि के दाम दोगुने हो गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक स्थित ढाबा संचालक लियाकत मुखिया ने बताया कि वह बाईपास किनारे ढाबा शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। बाईपास किनारे ही ढाबा स्थापित करने पर कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। ढाबा संचालक राजेश कुमार, पंकज पंवार ने बताया कि बाईपास शुरू होने के बाद अंबाला हाईवे पर स्थित ढाबों का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसलिए बाईपास किनारे जमीन तलाश रहे हैं। देहरादून रोड के ढाबा संचालक अजहर राव और जब्बार का कहना है कि बाईपास किनारे जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। 35 से 40 लाख रुपये बीघा भूमि का दाम मांगा जा रहा है।
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बैंक्वेट हॉल बनाने की तैयारी में कुछ लोग
अंबाला-देहरादून हाईवे पर कारोबार कम होने की वजह से ढाबा संचालक बाईपास किनारे ढाबे स्थापित कर इन जगहों पर बैंक्वेटहॉल बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं। क्योंकि, शादियों के शुभ मुहूर्त की तिथियों में शहर में होटल, बैंक्वेट हॉल और धर्मशालाएं कम पड़ जाती हैं। लोग महानगर के आउटर पर बने बैंक्वेट हॉल का रुख करते हैं। ढाबा संचालकों को उम्मीद है कि बैैंक्वेट हॉल का कारोबार अच्छा चलेगा।