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विकास के मुखौटे से हिंदुत्व का चेहरा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 27 May 2016 12:35 AM IST
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Modi's rally crowds handles police.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में केन्द्र सरकार की दूसरी वर्षंगांठ पर प्रधानमंत्री के मंच से भाजपा नेताओं ने विकास के मुखौटे से वहां मौजूद लाखों लोगों को हिन्दुत्व का चेहरा भी दिखाया।
भारत माता की जय का विरोध करने वाले इस्लामिक तालिम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के क्षेत्र से प्रधानमंत्री ने भी दोनों मुठ्ठी बंद करवाकर भारत माता का जयकारा लगावाया। भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास की बात करते रहे, मगर उनसे पहले मंच से तुष्टिकरण का मुद्दा भी गूंजा।
मंच से नेताओं ने जयश्री राम और वंदे मातरम के नारे तक लगवाएं। ऐसे में साफ है कि विकास पर्व महारैली में यूपी चुनाव के शंखनाद के जरिए भाजपा के मतदाताओं को हिन्दुत्व के मुद्दे पर भी साधने की पूरी कोशिश रही।
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उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात से पहले जमीन मजबूत करने के इरादे से दिल्ली रोड स्थित कॉसमॉस ग्रीन सिटी के मैदान में बृहस्पतिवार को आयोजित विकास पर्व महारैली में विकास के साथ ही भाजपा का हिन्दुत्व चेहरा भी झलका।
प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचने से पहले तो वहां मौजूद नेताओं ने खुलकर तुष्टिकरण का आरोप सपा सरकार पर लगाया। बिजनौर सांसद कुंवर भारतेन्द्र ने अपने संबोधन से पहले और बाद में जयश्री राम का नारा लगवाया।
इसके बाद कानून व्यवस्था के नाम पर सपा सरकार की घेराबंदी कर रहे वक्ताओं ने अपराधियों को संप्रदाय के नाम पर छूट देने का आरोप लगाया। हालांकि मंच पर प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद हिन्दुत्व का मुद्दा थोड़ा ठंडा जरुर हुआ, मगर थमा नहीं।
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने विकास का उदाहरण मां गंगा के रुप में दिया और कहा कि जैसे मां गंगा हिमालय से निकलकर सागर में मिलने से पहले सबको पवित्र कर देती हैं, उसी तरह केन्द्र सरकार रूपी विकास की गंगा को यूपी में पहुंचाने की अपील की।
आमतौर पर शुद्ध हिन्दी बोलने वाले प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश के लिए मुलायम परिवार के अंतिम शासक शब्द का उपयोग किया। योग दिवस घोषित करने को भी भारतीय गौरव करार दिया गया।
इसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंच से भारत माता की जय का नारा लगाकर आम जनता में उत्साह का संचार किया। हालांकि यह पीएम का भले ही चिरपरिचित अंदाज हो, मगर यहां उनके जयकारा इसलिए खास था,
क्योंकि सहारनपुर में स्थित इस्लामिक तामिल के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम देवबंद ने ना केवल भारत माता की जय का विरोध किया था, बल्कि योग दिवस पर भी ओम शब्द के उच्चारण की मुुखालफत की थी।
उसी धरती पर यूपी चुनाव के शंखनाद के मौके पर पीएम और उसने पहले वक्ताओं ने ऐसा कर कहीं न कहीं हिन्दुत्व के जरिए भी लोगों को साधने की कोशिश की। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में हिन्दू मतों के एकतरफा ध्रुुवीकरण के चलते यूपी में भारी सफलता मिली थी। यह बात विकास पर्व रैली में भी भाजपा नेताओं के जेहन में थी।
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भारत माता की जय का विरोध करने वाले इस्लामिक तालिम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के क्षेत्र से प्रधानमंत्री ने भी दोनों मुठ्ठी बंद करवाकर भारत माता का जयकारा लगावाया। भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास की बात करते रहे, मगर उनसे पहले मंच से तुष्टिकरण का मुद्दा भी गूंजा।
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मंच से नेताओं ने जयश्री राम और वंदे मातरम के नारे तक लगवाएं। ऐसे में साफ है कि विकास पर्व महारैली में यूपी चुनाव के शंखनाद के जरिए भाजपा के मतदाताओं को हिन्दुत्व के मुद्दे पर भी साधने की पूरी कोशिश रही।
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उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात से पहले जमीन मजबूत करने के इरादे से दिल्ली रोड स्थित कॉसमॉस ग्रीन सिटी के मैदान में बृहस्पतिवार को आयोजित विकास पर्व महारैली में विकास के साथ ही भाजपा का हिन्दुत्व चेहरा भी झलका।
प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचने से पहले तो वहां मौजूद नेताओं ने खुलकर तुष्टिकरण का आरोप सपा सरकार पर लगाया। बिजनौर सांसद कुंवर भारतेन्द्र ने अपने संबोधन से पहले और बाद में जयश्री राम का नारा लगवाया।
इसके बाद कानून व्यवस्था के नाम पर सपा सरकार की घेराबंदी कर रहे वक्ताओं ने अपराधियों को संप्रदाय के नाम पर छूट देने का आरोप लगाया। हालांकि मंच पर प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद हिन्दुत्व का मुद्दा थोड़ा ठंडा जरुर हुआ, मगर थमा नहीं।
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने विकास का उदाहरण मां गंगा के रुप में दिया और कहा कि जैसे मां गंगा हिमालय से निकलकर सागर में मिलने से पहले सबको पवित्र कर देती हैं, उसी तरह केन्द्र सरकार रूपी विकास की गंगा को यूपी में पहुंचाने की अपील की।
आमतौर पर शुद्ध हिन्दी बोलने वाले प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश के लिए मुलायम परिवार के अंतिम शासक शब्द का उपयोग किया। योग दिवस घोषित करने को भी भारतीय गौरव करार दिया गया।
इसके बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंच से भारत माता की जय का नारा लगाकर आम जनता में उत्साह का संचार किया। हालांकि यह पीएम का भले ही चिरपरिचित अंदाज हो, मगर यहां उनके जयकारा इसलिए खास था,
क्योंकि सहारनपुर में स्थित इस्लामिक तामिल के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम देवबंद ने ना केवल भारत माता की जय का विरोध किया था, बल्कि योग दिवस पर भी ओम शब्द के उच्चारण की मुुखालफत की थी।
उसी धरती पर यूपी चुनाव के शंखनाद के मौके पर पीएम और उसने पहले वक्ताओं ने ऐसा कर कहीं न कहीं हिन्दुत्व के जरिए भी लोगों को साधने की कोशिश की। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में हिन्दू मतों के एकतरफा ध्रुुवीकरण के चलते यूपी में भारी सफलता मिली थी। यह बात विकास पर्व रैली में भी भाजपा नेताओं के जेहन में थी।