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Saharanpur News: विभाग को टीबी मरीजों के लिए मिली 43,700 टैबलेट
Sun, 28 Apr 2024 04:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 28 Apr 2024 04:22 AM IST
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सहारनपुर। जिला क्षय रोग विभाग में टीबी मरीजों के लिए दवाओं का स्टॉक बढ़ गया है। शासन व स्थानीय स्तर से विभाग को 43,700 टैबलेट मिल गई है। अगले सप्ताह एसबीडी जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल से भी टीबी की दवा मिलने की मिल जाएगी। पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक होने के बाद टीबी मरीजों का नियमित इलाज जारी रहेगा।
इस समय जिले में करीब 6,313 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इन्हें नियमित दवा मिलती रहने चाहिए, ताकि उनका इलाज चलता रहे। जिला क्षय रोग विभाग के स्टॉक में 30 अप्रैल तक ही दवा रह गई थी। इसको लेकर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद शनिवार को शासन स्तर से फोर-एफडीसी की 30 हजार व मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बजट से थ्री-एफडीसी की 13 हजार 200 और फोर-एफडीसी की 500 टेबलेट दी है। सीएमओ स्थानीय स्तर से फोर-एफडीसी की 9,500 टैबलेट और दिलाएंगे, जो तीन से चार दिन के भीतर मिलेंगी। इनके अलावा एसबीडी जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल प्रबंधन को भी एक-एक लाख की थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी दवा की खरीदारी करनी होगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन अस्पतालों से अगले सप्ताह तक दवा मिलने का दावा किया है।
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थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी दवा
टीबी मरीजों को नियमित दवा खानी होती है। प्रारंभिक टीबी की थ्री-एफडीसी व फोर एफडीसी दवा के नियमित सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य को ठीक किया जाता है। थ्री-एफडीसी दवा चार महीने और फोर एफडीसी दवा दो महीने के लिए मरीजों को खानी पड़ती है।
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-- वर्जन
टीबी मरीजों के लिए थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी की 43,700 टैबलेट मिल गई है। इनमें से फोर-एफडीसी की 30 हजार टैबलेट शासन से आई है। स्टॉक में दवा पर्याप्त हो गई है। टीबी मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
- सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी
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इस समय जिले में करीब 6,313 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इन्हें नियमित दवा मिलती रहने चाहिए, ताकि उनका इलाज चलता रहे। जिला क्षय रोग विभाग के स्टॉक में 30 अप्रैल तक ही दवा रह गई थी। इसको लेकर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद शनिवार को शासन स्तर से फोर-एफडीसी की 30 हजार व मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बजट से थ्री-एफडीसी की 13 हजार 200 और फोर-एफडीसी की 500 टेबलेट दी है। सीएमओ स्थानीय स्तर से फोर-एफडीसी की 9,500 टैबलेट और दिलाएंगे, जो तीन से चार दिन के भीतर मिलेंगी। इनके अलावा एसबीडी जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल प्रबंधन को भी एक-एक लाख की थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी दवा की खरीदारी करनी होगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन अस्पतालों से अगले सप्ताह तक दवा मिलने का दावा किया है।
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थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी दवा
टीबी मरीजों को नियमित दवा खानी होती है। प्रारंभिक टीबी की थ्री-एफडीसी व फोर एफडीसी दवा के नियमित सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य को ठीक किया जाता है। थ्री-एफडीसी दवा चार महीने और फोर एफडीसी दवा दो महीने के लिए मरीजों को खानी पड़ती है।
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टीबी मरीजों के लिए थ्री-एफडीसी व फोर-एफडीसी की 43,700 टैबलेट मिल गई है। इनमें से फोर-एफडीसी की 30 हजार टैबलेट शासन से आई है। स्टॉक में दवा पर्याप्त हो गई है। टीबी मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
- सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी