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सब्जियों पर सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल, हरकत में विभाग

Thu, 08 Aug 2019 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 11:51 PM IST
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Department in action on the use of synthetic dyes on vegetables
सब्जियां
सहारनपुर। सब्जियों की दुकान पर नजर आने वाली सुंदर और आकर्षक सब्जियों को जरा सावधानी से और जांच परख कर ही खरीदें। जरूरी नहीं आकर्षक नजर आ रहीं सब्जियों का रंग प्राकृतिक ही हो। सब्जियों पर सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल की शिकायतों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक सप्ताह का अभियान चलाया और अलग-अलग जगह से सब्जियों के छह नमूने लिए। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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बाजार में मौसमी सब्जियों के अलावा बेमौसमी सब्जियां भी हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं। शिकायत है कि कुछ लोग सब्जियों को आकर्षक दिखाने के लिए उनमें सिंथेटिक रंगों का प्रयोग कर रहे हैं। इन सब्जियों का असर मानव सेहत पर बहुत खतरनाक है।
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सब्जियों को रंग करने की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक सप्ताह का अभियान चलाया। अभिहीत अधिकारी रणधीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने देवबंद, रामपुर मनिहारन और सहारनपुर सब्जी मंडी की 35 दुकानों में जाकर सब्जियों का निरीक्षण किया। टीम ने संदेह के आधार पर छह सब्जियों के नमूने जांच के लिए। जिनमें बैंगन के दो नमूने, जबकि तोरई, करेला, शिमला मिर्च और परवल का एक-एक नमूना लिया। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। अभिहीत अधिकारी रणधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने सब्जी विक्रेताओं को सिंथेटिक रंग का प्रयोग वाली सब्जी न बेचने के लिए जागरूक किया है।
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सब्जी विक्रेता नुकसान नहीं मानते
दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी में दुकान करने वाले एक सब्जी विक्रेता का कहना है कि वह सिंथेटिक रंगों की सब्जी नहीं बेचते, लेकिन कुछ लोग सब्जियों को अच्छा दिखाने के लिए रंगों इस्तेमाल करते हैं। लोग सब्जियां, धोकर, छीलकर ही बनाते हैं। ऐसे में रंग का असर सेहत पर नहीं होता।
सब्जियों की जांच कर ही खरीदें
अभिहीत अधिकारी का कहना है कि सब्जियां अधिक आकर्षक नजर आएं तो एक बार जांच जरूर करें। इसके लिए सब्जी को पानी में भिगो लें, किसी कपड़े पर रगड़े। जिससे पता चल जाएगा कि सब्जी पर रंग लगाया गया है या नहीं।

अभिहीत अधिकारी रणधीर सिंह का कहना है कि सिंथेटिक रंगों वाली सब्जी का लगातार प्रयोग करना सेहत के लिए हानिकारक है। इससे कैंसर, लीवर, आंतों में बीमारी हो जाती है। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक रंगों का प्रयोग वाली सब्जी बेचते हुए पकड़े जाने पर कम से कम छह माह की सजा हो सकती है।
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