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मौलाना अरशद मदनी बोले- लोकतांत्रिक देश में सरकार का मूकदर्शक बने रहना ठीक नहीं
Mon, 30 Aug 2021 10:59 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 30 Aug 2021 10:59 PM IST
सार
दिल्ली में जमीयत मुख्यालय में हुई कार्यसमिति की बैठक के दौरान मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मॉब लिंचिंग और अराजकता देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रहा है।
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मौलाना अरशद मदनी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर कहा कि यह सुनियोजित तरीके से हो रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक उग्रवाद को भड़का कर बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यकों के खिलाफ एकजुट करना है। लोकतांत्रिक देश में कानून हाथ में लेना और सरकार का इन मामलों को लेकर मूकदर्शक बने रहना ठीक नहीं है।
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सोमवार को दिल्ली में जमीयत मुख्यालय में हुई कार्यसमिति की बैठक के दौरान मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मॉब लिंचिंग और अराजकता देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रहा है। देश में अगर यह अराजकता इसी तरह बढ़ती रही तो न केवल अल्पसंख्यक बल्कि दलित और देश के कमजोर लोग इसकी आग में जल जाएंगे। साथ ही पूरा विकास भी जल जाएगा और दुनिया भर में मुल्क की बदनामी होगी।
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मौलाना मदनी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब किसी राज्य में चुनाव होते हैं तो इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद भी मॉब लिंचिंग को लेकर कानून नहीं बनाया गया। ताकि इन घटनाओं को रोका जा सके। दो टूक कहा कि ऐसा करने वालों को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। कहा कि सभी राजनीतिक दल, खासकर जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, खुलकर सामने आएं और इसके खिलाफ कानून बनाने के लिए कदम उठाएं। केवल निंदा बयान काफी नहीं है।
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मौलाना मदनी ने कहा कि मुल्क में जिस तरह का धार्मिक और वैचारिक टकराव शुरू हो गया है, उसकी बराबरी किसी हथियार या तकनीक से नहीं की जा सकती। इसका मुकाबला करने का एक ही तरीका है कि हम अपनी नई पीढ़ी को उच्च शिक्षा हासिल कराएं।