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सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
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सहारनपुर। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर शुक्रवार को घंटाघर समेत शहर में कई जगहों पर हुए विरोध, प्रदर्शनों के बीच प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा गया। संगठनों ने बिल को संविधान की मूल भावना समानता और धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध मानते हुए इसे वापस लेने की मांग राष्ट्रपति से की है।
पार्षद मंसूर बदर ने अपने साथी पार्षदों के साथ घंटाघर चौक पर अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारतीय संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। यह कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, जिससे लोग आहत हैं। उन्होंने कहा देश को आजाद कराने में हिंदू और मुसलमान सभी ने लड़ाई लड़ी थी। ज्ञापन देने वालों में जमा परवीन, सईद सिद्दीकी, शहजाद मलिक, इजहार मंसूरी, शाहिना परवीन आदि पार्षद शामिल रहीं। ऑल इंडिया मुजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से भी ज्ञापन दिया गया, जिसमें सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी का विरोध किया गया है। जिलाध्यक्ष चौधरी इजहार बबलू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वोट की खातिर देश केे धर्म के आधार पर बांट रही है। यही वजह है कि देश में अशांति का माहौल है। चेतावनी दी कि सीएए और एनआरसी को वापस कराने के लिए जो भी आंदोलन करना पड़ेगा करेंगे। ज्ञापन देने वालों में कामिल सलमानी, इस्लाम राना, तौसीफ आलम, यासीन, हासिम, इरशाद अहमद, इकराम, शहजाद आदि शामिल रहे। उधर, जमियत उल हुफ्फाज एजूकेशन वेलफेयर सोसायटी ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सीएए और एनआरसी को वापस लिए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में हाफिज मोहम्मद उवैस, इदरीश, इसरार, मेहताब, जहूर, अख्तर, खालिक आदि शामिल रहे।
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पार्षद मंसूर बदर ने अपने साथी पार्षदों के साथ घंटाघर चौक पर अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारतीय संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। यह कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, जिससे लोग आहत हैं। उन्होंने कहा देश को आजाद कराने में हिंदू और मुसलमान सभी ने लड़ाई लड़ी थी। ज्ञापन देने वालों में जमा परवीन, सईद सिद्दीकी, शहजाद मलिक, इजहार मंसूरी, शाहिना परवीन आदि पार्षद शामिल रहीं। ऑल इंडिया मुजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से भी ज्ञापन दिया गया, जिसमें सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी का विरोध किया गया है। जिलाध्यक्ष चौधरी इजहार बबलू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वोट की खातिर देश केे धर्म के आधार पर बांट रही है। यही वजह है कि देश में अशांति का माहौल है। चेतावनी दी कि सीएए और एनआरसी को वापस कराने के लिए जो भी आंदोलन करना पड़ेगा करेंगे। ज्ञापन देने वालों में कामिल सलमानी, इस्लाम राना, तौसीफ आलम, यासीन, हासिम, इरशाद अहमद, इकराम, शहजाद आदि शामिल रहे। उधर, जमियत उल हुफ्फाज एजूकेशन वेलफेयर सोसायटी ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सीएए और एनआरसी को वापस लिए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में हाफिज मोहम्मद उवैस, इदरीश, इसरार, मेहताब, जहूर, अख्तर, खालिक आदि शामिल रहे।
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