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मुफ्त ई-रिक्शा देने की एवज में मांगे 40 हजार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 27 Oct 2016 02:18 AM IST
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पंजीकृत रिक्शा संचालकों को वितरण के लिए आई ई-रिक्शा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करीब पौने दो लाख रुपये कीमत की ई-रिक्शा को मुफ्त मेें दिलाने की एवज में गरीब रिक्शा चालकों से रुपये मांगे जा रहे हैं। पात्रों से रुपये मांगने वाले कौन लोग हैं? यह जांच का विषय है। गांव दाबकी और मोहल्ला ओजपुरा के तीन रिक्शा चालकों से ई-रिक्शा के बदले 40 हजार रुपये की मांग की गई है। पात्र होने के बावजूद रिक्शा चालक असमंजस में हैं।
सरकार ने नगर निगम और नगर पालिका में पंजीकृत पैडल रिक्शा चालकों को मुफ्त में ई-रिक्शा देने की योजना शुरू की हुई है। जनपद में वर्ष 2014 तक पंजीकृत रिक्शा चालकों में से 472 लोगों को ई-रिक्शा के लिए पात्र चुना गया। 18 अक्तूबर को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां सहारनपुर में ई-रिक्शाओं का वितरण करने पहुंचे थे।
पहले सभी पात्रों को रिक्शाओं का वितरण 18 को ही कर दिए जाने की बात कही जा रही थी। लेकिन, प्रशासन ने कहीं भी पात्रों की सूची सार्वजनिक नहीं की। ऐसे में अनेक ऐसे लोग भी ई-रिक्शा पाने के लिए भटकते नजर आए, जो पात्र तो हैं, मगर उनका चयन नहीं किया गया है।
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18 अक्तूबर को जनमंच प्रेेेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन ने भी 472 लोगों को रिक्शा दिए जाने की घोषणा की थी, मगर आजम खां ने मौके पर मात्र दस रिक्शाओं का ही वितरण किया।
वर्तमान में 92 रिक्शाएं जनमंच परिसर में खड़ी धूल फांक रही हैं। बाकी 370 ई-रिक्शाएं कहां हैं? इसका किसी को पता नहीं है। पात्र रिक्शा चालक ई-रिक्शा पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका दावा है कि उनका नाम सूची में है, लेकिन अभी तक रिक्शा नहीं मिली है। रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि पात्रों से रिक्शा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये तक की डिमांड की जा रही है।
एक लाख 70 हजार रुपये की है रिक्शा ः सहारनपुर। 18 अक्तूबर को जनमंच प्रेक्षागृह में हुए रिक्शा वितरण समारोह में जिला प्रशासन ने एक ई-रिक्शा की कीमत करीब एक लाख 70 हजार रुपये बताई थी। इसमें एक लाख 30 हजार रुपये की रिक्शा और 35 हजार रुपये का इंश्योरेंस है। इस सबके साथ रिक्शा की एक साल की वारंटी भी बताई गई है।
रिक्शा चालक संघ कर चुका अपील
सहारनपुर। भारतीय मजदूर रिक्शा चालक एसोसिएशन के जिला सचिव नंदलाल शर्मा ने बताया कि कई दिन से पात्रों से रुपये मांगे जाने की अफवाह उड़ रही है। कोई पैसा किसी को नहीं देना है। उन्होंने माना कि जनपद में ऐसे दलाल सक्रिय हैं, जो पात्रों को बहका कर रुपये ऐंठने की फिराक में हैं। उन्होंने रुपये मांगने वालों की शिकायत यूनियन से करने की अपील पात्रों से की।
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सरकार ने नगर निगम और नगर पालिका में पंजीकृत पैडल रिक्शा चालकों को मुफ्त में ई-रिक्शा देने की योजना शुरू की हुई है। जनपद में वर्ष 2014 तक पंजीकृत रिक्शा चालकों में से 472 लोगों को ई-रिक्शा के लिए पात्र चुना गया। 18 अक्तूबर को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां सहारनपुर में ई-रिक्शाओं का वितरण करने पहुंचे थे।
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पहले सभी पात्रों को रिक्शाओं का वितरण 18 को ही कर दिए जाने की बात कही जा रही थी। लेकिन, प्रशासन ने कहीं भी पात्रों की सूची सार्वजनिक नहीं की। ऐसे में अनेक ऐसे लोग भी ई-रिक्शा पाने के लिए भटकते नजर आए, जो पात्र तो हैं, मगर उनका चयन नहीं किया गया है।
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18 अक्तूबर को जनमंच प्रेेेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन ने भी 472 लोगों को रिक्शा दिए जाने की घोषणा की थी, मगर आजम खां ने मौके पर मात्र दस रिक्शाओं का ही वितरण किया।
वर्तमान में 92 रिक्शाएं जनमंच परिसर में खड़ी धूल फांक रही हैं। बाकी 370 ई-रिक्शाएं कहां हैं? इसका किसी को पता नहीं है। पात्र रिक्शा चालक ई-रिक्शा पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका दावा है कि उनका नाम सूची में है, लेकिन अभी तक रिक्शा नहीं मिली है। रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि पात्रों से रिक्शा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये तक की डिमांड की जा रही है।
एक लाख 70 हजार रुपये की है रिक्शा ः सहारनपुर। 18 अक्तूबर को जनमंच प्रेक्षागृह में हुए रिक्शा वितरण समारोह में जिला प्रशासन ने एक ई-रिक्शा की कीमत करीब एक लाख 70 हजार रुपये बताई थी। इसमें एक लाख 30 हजार रुपये की रिक्शा और 35 हजार रुपये का इंश्योरेंस है। इस सबके साथ रिक्शा की एक साल की वारंटी भी बताई गई है।
रिक्शा चालक संघ कर चुका अपील
सहारनपुर। भारतीय मजदूर रिक्शा चालक एसोसिएशन के जिला सचिव नंदलाल शर्मा ने बताया कि कई दिन से पात्रों से रुपये मांगे जाने की अफवाह उड़ रही है। कोई पैसा किसी को नहीं देना है। उन्होंने माना कि जनपद में ऐसे दलाल सक्रिय हैं, जो पात्रों को बहका कर रुपये ऐंठने की फिराक में हैं। उन्होंने रुपये मांगने वालों की शिकायत यूनियन से करने की अपील पात्रों से की।