{"_id":"58d41e714f1c1b61371a172c","slug":"dedh-karod-ki-aghoshit-aay-pakdi","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ करोड़ अघोषित आय पकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ करोड़ अघोषित आय पकड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। आयकर विभाग की टीम ने कमेला कालोनी के पास तीन लोगों के यहां छापा मारकर डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी। जिसे प्रधानमंत्री कल्याण योजना में घोषित किया गया। छापामार कार्रवाई से व्यापारियों एवं अन्य धनाढ्य लोगों में खलबली मच गई।
बृहस्पतिवार को संयुक्त आयकर आयुक्त कमल खन्ना के नेतृत्व में आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने पुलिस को साथ लेकर कमेला कालोनी में तीन लोगों के यहां छापा मारा। आयकर विभाग का छापा लगते ही खलबली मच गई। अन्य कई व्यापारियों एवं धनाढ्य लोगों में भी छापे की आशंका से हड़कंप मच गया। आयकर विभाग की टीम ने तीनों लोगों के यहां से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी जिसे प्रधानमंत्री कल्याण योजना में घोषित किया गया।
सूत्रों केे अनुसार आयकर विभाग ने बैंक रिकार्ड के आधार पर छापामारी की है। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान इन लोगों द्वारा पुरानी करेंसी में भारी मात्रा में नोट जमा कराए गए थे। आयकर विभाग ने क्षेत्र के ऐसे लोगों की सूची तैयार कर ली है, सिर्फ 31 मार्च तक इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि लोग जिस संपत्ति के बारे में जवाब नहीं दे सकते, उस संपत्ति की खुद ही घोषणा कर दें। उन्हें सिर्फ 49.9 प्रतिशत टैक्स और 25 प्रतिशत प्रधानमंत्री कल्याण योजना में जमा किया जाएगा। घोषित नहीं करने पर पकड़े जाने के बाद 137.5 प्रतिशत टैक्स और पेनाल्टी जमा कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को संयुक्त आयकर आयुक्त कमल खन्ना के नेतृत्व में आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने पुलिस को साथ लेकर कमेला कालोनी में तीन लोगों के यहां छापा मारा। आयकर विभाग का छापा लगते ही खलबली मच गई। अन्य कई व्यापारियों एवं धनाढ्य लोगों में भी छापे की आशंका से हड़कंप मच गया। आयकर विभाग की टीम ने तीनों लोगों के यहां से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी जिसे प्रधानमंत्री कल्याण योजना में घोषित किया गया।
विज्ञापन
सूत्रों केे अनुसार आयकर विभाग ने बैंक रिकार्ड के आधार पर छापामारी की है। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान इन लोगों द्वारा पुरानी करेंसी में भारी मात्रा में नोट जमा कराए गए थे। आयकर विभाग ने क्षेत्र के ऐसे लोगों की सूची तैयार कर ली है, सिर्फ 31 मार्च तक इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि लोग जिस संपत्ति के बारे में जवाब नहीं दे सकते, उस संपत्ति की खुद ही घोषणा कर दें। उन्हें सिर्फ 49.9 प्रतिशत टैक्स और 25 प्रतिशत प्रधानमंत्री कल्याण योजना में जमा किया जाएगा। घोषित नहीं करने पर पकड़े जाने के बाद 137.5 प्रतिशत टैक्स और पेनाल्टी जमा कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।